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01 सितंबर: सिख धर्म के तीसरे गुरु, गुरु अमरदास की स्मृति में मनाया जाता है ज्योति जोत दिवस, जानें उनके योगदान

आज 01 सितंबर 2025 है। आज गुरू अमरदास की स्मृति में ज्योति जोत दिवस मनाया जाता है। गुरु अमरदास जी का ज्योति जोत दिवस 1 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन सिख धर्म के तीसरे गुरु, गुरु अमरदास जी के निधन की स्मृति में मनाया जाता है।

जानें उनके बारे में

गुरु अमरदास जी का जन्म 5 मई, 1479 को हुआ था और 1 सितंबर, 1574 को उनका निधन हो गया था। वह 73 वर्ष की आयु में 26 मार्च, 1552 को तीसरे सिख गुरु बने थे। गुरु अमरदास जी ने लंगर प्रणाली की स्थापना की, जिससे सभी लोग, चाहे उनकी जाति या स्थिति कुछ भी हो, एक साथ बैठकर भोजन कर सकें, जिससे समानता को बढ़ावा मिला। सिखों के दूसरे गुरु अंगद देवजी ने उनकी सेवा और समर्पण से प्रसन्न होकर एवं उन्हें सभी प्रकार से योग्य जानकर ‘गुरु गद्दी’ सौंप दी। इस प्रकार वे सिखों के तीसरे गुरु बन गए। गुरु अमर दास जी सती-प्रथा के विरोध में आवाज उठाने वाले पहले समाज-सुधारक थे। गुरुजी द्वारा रचित ‘वार सूही’ में सती-प्रथा का जोरदार खंडन किया भी गया है। गुरु अमर दास जी 1 सितंबर 1574 को दिव्य ज्योति में विलीन हो गए।

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