आज 05 अगस्त 2025 है। आज आखिरी मंगल गौरा व्रत है। सावन का आखिरी मंगला गौरी व्रत भी किया जाएगा। इस व्रत में देवी पार्वती की पूजा का विधान है।विवाहित महिलाएं अपने परिवार की सुख-शांति, पति की लंबी उम्र और समृद्ध जीवन के लिए यह व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित कन्याएं उत्तम जीवनसाथी की प्राप्ति की कामना से यह उपवास करती हैं। यह व्रत विवाहित महिलाओं द्वारा पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है।
मंगला व्रत
शास्त्रों के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए जिन व्रतों का पालन किया था, उनमें मंगला गौरी व्रत भी शामिल है। यह व्रत सावन के प्रत्येक मंगलवार को श्रद्धा और विधिपूर्वक रखा जाता है। आज आखिरी मंगला व्रत है।
चौथा मंगला गौरी व्रत – 05 अगस्त 2025
जानें शुभ मुहूर्त
इस वर्ष सावन का आखिरी मंगला गौरी व्रत आज 05 अगस्त 2025 (मंगलवार) को रखा जाएगा।
अभिजीत मुहूर्त: प्रातः 11:59 से दोपहर 12:55 तक
इस शुभ समय में माता गौरी की पूजा, व्रत का संकल्प, कथा श्रवण और दान आदि करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
जानें पूजन विधि
आज मंगलवार की सुबह स्नान आदि करे। इसके बाद हाथ में जल, चावल और फूल लेकर मंगला गौरी व्रत-पूजा का संकल्प लें। दिन भर व्रत के नियमों का पालन करें। शुभ मुहूर्त में देवी पार्वती का चित्र घर में एक बाजोट के ऊपर स्थापित करें। देवी के चित्र पर हार पहनाएं और कुमकुम से तिलक लगाएं। शुद्ध घी का दीपक जलाएं और एक-एक करके अबीर, गुलाल, रोली, फूल चावल, पान-सुपारी आदि चीजें चढ़ाएं। मन ही मन में देवी पार्वती के मंत्र का जाप भी करें। अपनी इच्छा अनुसार सुहाग की सामग्री जैसे- चुनरी, सिंदूर, चूड़ी, बिंदी, मेहंदी, हल्दी आदि भी देवी को चढ़ाएं। देवी को भोग लगाकर आरती करें।