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06 फरवरी: आज है महिला जननांग विकृति (एफजीएम) के लिए शून्य सहनशीलता का अंतर्राष्ट्रीय दिवस, जानें उद्देश्य

आज 06 फरवरी 2026 है। आज महिला जननांग विकृति (एफजीएम) के लिए शून्य सहनशीलता का अंतर्राष्ट्रीय दिवस है। यह दिवस हर साल 6 फरवरी को मनाया जाता है।

जागरूकता बढ़ाना खास उद्देश्य

जो इस हानिकारक प्रथा को समाप्त करने के लिए प्रगति को उजागर करने और जागरूकता बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला जननांग विकृति (एफजीएम) में वे सभी प्रक्रियाएं शामिल हैं जिनमें गैर-चिकित्सीय कारणों से महिला जननांग को परिवर्तित या क्षतिग्रस्त किया जाता है और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लड़कियों और महिलाओं के मानवाधिकारों का उल्लंघन माना जाता है।

जानें कब हुई शुरूआत

रिपोर्ट्स के मुताबिक वर्ष 2012 में, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 6 फरवरी को महिला जननांग विकृति के प्रति शून्य सहनशीलता के अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में घोषित किया था, जिसका उद्देश्य इस प्रथा के उन्मूलन के प्रयासों को बढ़ावा देना और निर्देशित करना था।

समन्वित और व्यवस्थित प्रयासों की आवश्यकता

महिला जननांग विकृति के उन्मूलन को बढ़ावा देने के लिए समन्वित और व्यवस्थित प्रयासों की आवश्यकता है, और इसमें पूरे समुदाय को शामिल किया जाना चाहिए तथा मानव अधिकारों , लैंगिक समानता , यौन शिक्षा और उन महिलाओं और लड़कियों की जरूरतों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए जो इसके परिणामों से पीड़ित हैं।

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