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06 फरवरी: आज है षट्तिला एकादशी व्रत, मान्यताओं में इस चीज का दान करने से होती है स्वर्ग की प्राप्ति

आज 06 फरवरी का दिन है। आज षट्तिला एकादशी व्रत है। इस व्रत का काफी महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को षटतिला एकादशी के नाम से जाना जाता है।

षटतिला एकादशी के दिन करें तिल का दान

षटतिला एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति की आध्यात्मिक उन्नति होती है और वह पापों से मुक्त होता है। कहते है कि षटतिला एकादशी के व्रत से कन्यादान, हजारों वर्ष तपस्या और स्वर्ण दान के समान पुण्यफल की प्राप्ति होती है। इस व्रत में तिल का छ: रूप में उपयोग करना उत्तम फलदाई माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार षटतिला एकादशी के दिन तिल का दान करने से स्वर्ग की प्राप्ति होती है। षटतिला एकादशी व्रत के एक दिन पहले से मांसाहार और तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए।

जाने शुभ मुहूर्त

एकादशी तिथि 6 फरवरी से लेकर अगले दिन यानी 7 फरवरी सुबह 07:06 तक रहेगी। पूजा के लिए 06 फरवरी सुबह 09:51 से दोपहर 01:57 तक का समय शुभ रहेगा। वहीं पारण 07 फरवरी को सुबह 07:06 से 09:18 के बीच किया जाएगा। षटतिला एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा में तिल का प्रयोग करें। उनको तिल का भोग लगाएं।

जाने पूजन विधि

प्रात:काल स्नान के बाद भगवान विष्णु की पूजा करें और उन्हें पुष्प, धूप आदि अर्पित करें। इस दिन व्रत रखने के बाद रात को भगवान विष्णु की आराधना करें, साथ ही रात्रि में जागरण और हवन करें। इसके बाद द्वादशी के दिन प्रात:काल उठकर स्नान के बाद भगवान विष्णु को भोग लगाएं और पंडितों को भोजन कराने के बाद स्वयं अन्न ग्रहण करें।

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