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07 सितंबर: आज है अजा एकादशी, भगवान श्रीहरि व माता लक्ष्मी की पूजा का विधान, यहां जानें शुभ मुहूर्त व महत्व

आज 07 सितंबर 2026 है। आज अजा एकादशी का व्रत है। अजा एकादशी आज 07 सितंबर को है। हर महीने कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की 11वीं तिथि को एकादशी का व्रत रखा जाता है। सावन माह की समाप्ति के बाद भाद्रपद महीने की शुरुआत हो जाएगी और इसी महीने अजा एकादशी का व्रत भी रखा जाएगा। इस शुभ अवसर पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह में 2 एकादशी आती है और पूरे साल में 24 एकादशी आती है। सभी एकादशी का अपना अलग अलग शास्त्रीय महत्व माना जाता है । धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भी व्यक्ति प्रत्येक एकादशी का व्रत पूरी श्रद्धा के साथ करता है, उसे संसार के सभी सुखों की प्राप्ति होती है।

जानें शुभ मुहूर्त

अजा एकादशी का व्रत हिंदू कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 6 सितंबर की शाम 7:29 बजे से शुरू होकर 7 सितंबर की शाम 5:03 बजे तक रहेगी। वहीं, व्रत खोलने (पारण) का सही समय 8 सितंबर की सुबह 6:02 बजे से 8:33 बजे के बीच रहेगा। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ माता लक्ष्मी की आराधना भी की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत और पूजा से पाप कर्मों से मुक्ति तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

जानें पूजन विधि

एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान करें। घर के मंदिर की साफ सफाई कर दीप प्रज्वलित करें। चौकी पर भगवान विष्णु की मूर्ति की स्थापना कर जलाभिषेक करें। दूध और केसर युक्त मिष्ठान तैयार कर भगवान विष्णु को अर्पित करें। भगवान विष्णु की पुष्प धूप, दीप, नैवेद्य से पूजा करें। एकादशी तिथि की शाम को तुलसी के पौधे के समक्ष दीप जलाएं। एकादशी की सुबह स्नान के बाद साफ कपड़े पहनें और तुलसी के पौधे में थोड़ा सा गंगाजल अर्पित करें। इससे परिवार में हमेशा सद्भाव और सुख-शांति बनी रहती है।

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