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10 जुलाई: आज है कोकिला व्रत, मनचाहा वर पाने के लिए उत्तम माना जाता है यह व्रत, जानें शुभ मुहूर्त

आज 10 जुलाई 2025 है। आज कोकिला व्रत है। हिंदू धर्म में कोकिला व्रत का विशेष महत्व है। आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि पर कोकिला व्रत होता है। इस तिथि पर ही गुरु पूर्णिमा भी मनायी जाती है। ऐसे में इस तिथि का महत्व बहुत बढ़ जाता है। आषाढ़ माह में आने वाला कोकिला व्रत केवल सुहागिनों के लिए ही नहीं, बल्कि कुंवारी कन्याओं के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। जबकि कुंवारी कन्याएं अच्छे जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए यह व्रत करती हैं। धार्मिक मान्यता है कि यह व्रत रखने से महिलाओं को मनोवांछित फल की प्राप्ति हेाती है और शादी-विवाह में आ रही बाधाएं भी दूर होती हैं। शास्त्रों की मानें तो माता सती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए यह व्रत रखा था, तभी से इस व्रत को रखने की परंपरा शुरू हुई।

जानें शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ पूर्णिमा तिथि पर कोकिला व्रत रखा जाता है और इसकी पूजा की जाती है
आषाढ़ पूर्णिमा 10 जुलाई को सुबह के समय 1:26 पर शुरू होकर 11 जुलाई 2025 को सुबह के समय 2:06 पर समाप्त हो जाएगी। इस तरह उदया तिथि में 10 जुलाई 2025 को कोकिला व्रत रखा जाएगा।
कोकिला व्रत में प्रदोष पूजा की जाती है। इसके लिए प्रदोष पूजा का मुहूर्त शाम 7:22 से 9:24 तक होगा।

जानें पूजन विधि

आज सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करें। कोकिला व्रत पूजा में शिव जी और सती माता की पूजा प्रदोष काल यानी शाम के समय की जाती है। शाम के समय स्नान आदि करें। इस दिन माता सती की पूजा कोयल के रूप करें। कोयल रूप में ही सती माता को शिवजी के संग स्थापित करें। देवी सती के प्रतीक के रूप में मिट्टी की कोयल की प्रतिमा बनाएं। अब माता सती और महादेव की विधि विधान से पूजा करें। भगवान शिव को दूध, दही, धतूरा, मौसमी फल और बेलपत्र चढ़ाएं। इसके बाद शिव और माता सती की आरती कर पूजा करें। इस दिन व्रत रखें तो अनाज का सेवन न करें और अगले दिन पारण करें।

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