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22 अक्टूबर दुर्गा अष्टमी: आज शारदीय नवरात्र का आठवां दिन माँ महागौरी को समर्पित, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र व कथा

आज 22 अक्टूबर है। शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 15 अक्टूबर से हो‌ गई है। हिंदू धर्म में नवरात्र का बहुत बड़ा महत्व बताया गया है। नवरात्रि में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। आज नवरात्र का आठवां दिन है।

माँ महागौरी पूजन विधि

आज शारदीय नवरात्र का आठवां दिन है और इस दिन माँ दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की पूजा-अर्चना की जाती है। महागौरी का वाहन बैल है। शारदीय नवरात्रि की अष्टमी तिथि है। नवरात्रि में आठवें दिन महाअष्टमी पड़ती है। इस दिन माँ दुर्गा के साथ उनके आठवें स्वरूप महागौरी माता का आशीर्वाद पाने के लिए सबसे पहले लकड़ी की चौकी पर या मंदिर में महागौरी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। फिर चौकी पर सफेद वस्त्र बिछाकर उस पर महागौरी यंत्र रखें और यंत्र की स्थापना करें। इसके बाद पुष्प लेकर माँ का ध्यान करें। अब माँ की प्रतिमा के आगे दीपक चलाएं और उन्हें फल, फूल, नैवेद्य आदि अर्पित करें और देवी मां की आरती उतारें। वहीं यदि आप पूरी नवरात्रि के व्रत रखते हैं तो अष्टमी को हवन जरूर करवाना चाहिए।

नवरात्र की आठवें तिथि का शुभ मुहूर्त

✅ नवरात्रि महा अष्टमी तिथि की शुरुआत- 21अक्टूबर, रात 09 बजकर 53 मिनट से
अष्टमी तिथि समाप्त – 22 अक्टूबर, शाम 07 बजकर 58 मिनट पर

जानें माँ महागौरी की कथा

देवीभागवत पुराण में बताया गया है कि देवी पार्वती का जन्म राजा हिमालय के यहां हुआ था। माता को मात्र 8 वर्ष की आयु में ही अपने पूर्वजन्म की घटनाओं का आभास हो गया था। मात्र 8 वर्ष की आयु में ही माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए तपस्या भी शुरू कर दी थी। इसलिए नवरात्रि की अष्टमी तिथि को महागौरी की पूजा की जाती है। अपनी तपस्या के दौरान माता ने केवल वायु पीकर तप करना शुरू कर दिया था। तपस्या से माता पार्वती को महान गौरव प्राप्त हुआ था इसलिए माता पार्वती का नाम महागौरी पड़ा।

स्तुति मंत्र

श्वेते वृषे समारूढ़ा श्वेताम्बरधरा शुचि:.
महागौरी शुभं दद्यान्त्र महादेव प्रमोददो.
या देवी सर्वभूतेषु माँ गौरी रूपेण संस्थिता.
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
ओम महागौरिये: नम:

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