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23 जून: अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस आज, खेल व फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है यह दिन, जानें कब हुई शुरूआत

आज 23 जून 2025 है। आज अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस है। दुनिया भर में हर साल 23 जून को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस मनाया जाता है। खेल व फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए यह दिन मनाया जाता है। इस दिन विश्व के अलग-अलग हिस्सों में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिसमें हर वर्ग के लोग व खिलाड़ी शामिल होते हैं।

जानें पहली बार कब हुआ आयोजन

पहली बार ओलम्पिक खेलों का आयोजन ग्रीस के एथेन्स में 1896 में हुए थे। पहले ओलम्पिक खेल महज 10 दिन चले। 6 अप्रैल को शुरू हुए और 15 अप्रैल 1896 को खत्म हो गए। दस दिन के इस खेल आयोजन की तैयारी में 2 साल लगे। जी हां जिस कमेटी ने ओलम्पिक का आयोजन कराया उस कमेटी यानी नेशनल ओलम्पिक कमेटी का गठन 23 जून 1894 में किया गया। इस कमेटी को लोग हमेशा याद रखें, इसके लिए 1948 में 23 जून को ही पहली बार अंतर्राष्‍ट्रीय ओलम्पिक दिवस मनाया गया। तब से लेकर आज तक इस दिन दुनिया भर में इस दिवस को मनाया जाता है।  इसके लिए हर वर्ष एक थीम रखी जाती है इस साल 2021 की थीम स्वस्थ्य रहें, मजबूत रहे रखी गयी है।

ओलम्पिक की शुरुआत

दरअसल आधुनिक ओलम्पिक खेलों का पहला आयोजन तो वर्ष 1896 में शुरू हुआ था लेकिन अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) की स्थापना पियरे द कुबर्तिन द्वारा 23 जून 1894 को की गई थी, जिसके प्रथम अध्यक्ष बने थे यूनानी व्यापारी डेमट्रियोस विकेलास। आईओसी का मुख्यालय स्विट्जरलैण्ड के लॉजेन में स्थित है और वर्तमान में दुनियाभर में 205 राष्ट्रीय ओलम्पिक समितियां इसकी सदस्य हैं।

पहला ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक

आईओसी के स्थापना दिवस 23 जून को ही बाद में अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति द्वारा प्रतिवर्ष ओलम्पिक दिवस के रूप में मनाया जाना शुरू किया गया। यह दिवस मनाए जाने का प्रमुख उद्देेश्य खेलों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रत्येक वर्ग और आयु के लोगों की भागीदारी को बढ़ावा देना है। आईओसी द्वारा प्रत्येक चार वर्ष के अंतराल पर ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक खेल, शीतकालीन ओलम्पिक खेल और युवा ओलम्पिक खेल का आयोजन किया जाता है। पहला ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक वर्ष 1896 में यूनान के एथेंस में तथा पहला शीतकालीन ओलम्पिक 1924 में फ्रांस के चेमोनिक्स में आयोजित किया गया था। ओलम्पिक दुनिया की सबसे बड़ी खेल प्रतियोगिता है, जिसमें दो सौ से ज्यादा देश हिस्सा लेते हैं।

आधुनिक ओलम्पिक खेलों की आधारशिला रखी गई

करीब 1500 वर्ष बाद फ्रांस के युवा शिक्षाशास्त्री पियरे द कुबर्तिन ने आधुनिक ओलम्पिक खेलों की आधारशिला रखी और उनके द्वारा 23 जून 1894 को अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति की स्थापना किए जाने के बाद नए रूप में 1896 से आधुनिक ओलम्पिक खेलों का आयोजन शुरू हुआ। उसके बाद ओलम्पिक खेल प्राचीन ओलम्पिक खेलों की ही भांति हर चार वर्ष के अंतराल पर आयोजित किए जाने लगे।

महिलाओं पर था प्रतिबंध

पहले ओलम्पिक खेल की प्रतियोगिताओं में महिलाओं के भाग लेने पर प्रतिबंध था लेकिन सन् 1900 में दूसरे ओलम्पिक में महिलाओं को भी ओलम्पिक खेलों के जरिये अपनी प्रतिभा का परिचय देने का अवसर मिल गया। प्रथम आधुनिक ओलम्पिक में भाग लेने वाले कुछ खिलाड़ी तो ऐसे भी थे, जो उस वक्त एथेंस में ही पर्यटक के तौर पर पहुंचे हुए थे। 1896 से ओलम्पिक खेलों का आयोजन नियमित होता रहा है लेकिन प्रथम व द्वितीय विश्वयुद्ध के कारण 1916, 1940 तथा 1944 के ओलम्पिक आयोजन रद्द करने पड़े थे।

भारत ने 1900 में लिया था ओलम्पिक में हिस्सा

भारत ने पहली बार वर्ष 1900 में ओलम्पिक में हिस्सा लिया था। तब भारत की ओर से केवल एक एथलीट नॉर्मन प्रिचर्ड को भेजा गया था, जिसने एथलेटिक्स में दो सिल्वर मेडल जीते थे। हालांकि भारत ने अधिकारिक तौर पर पहली बार 1920 में ओलम्पिक खेलों में हिस्सा लिया था। 

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