October 23, 2021

उत्तराखंड चमोली हिमस्खलन में अब तक 8 लोगों की गई जान, सेना ने 384 को बचाया, 6 गंभीर रूप से घायल, सेना का रेस्क़्यू अभियान जारी।

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उत्तराखंड में कोरोना महामारी के बीच एक और प्राकृतिक आपदा आई है। उत्तराखंड में 7 फरवरी को आई आपदा से लोग अभी सही से ऊबर भी नहीं पाए थे कि उत्तराखंड में एक और बड़ी आपदा आने से लोगों का जीवन खतरे में पड़ गया है। शुक्रवार को उत्तराखंड के चमोली में नीति घाटी के पास एक ग्लेशियर टूट गया था, जिसके चलते हुई भूस्खलन में कई लोग फंस गए थे। हादसे में अब तक 8 शवों को बरामद किया जा चुका है। अब तक सेना 384 लोगों को रेस्क्यू भी करा चुकी है। वही 6 लोग गंभीर रूप से घायल है। यह लोग कल शाम तक बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन के कैंप में काम कर रहे थे।

उत्तराखंड के चमोली जिले में जोशीमठ के पास शुक्रवार रात भारत चीन सीमा पर नीती घाटी के सुमना में ग्लेशियर टूटने से आई बड़ी आपदा-

उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूट गया है। भारत-चीन सीमा के पास स्थित नीती घाटी के सुमना क्षेत्र में ग्लेशियर टूटा है। जहां यह घटना हुई है, उसके पास ही आईटीबीपी की बटालियन की पोस्ट है। वही बीआरओ के सैकड़ों कर्मचारी यहां सड़क निर्माण कार्य में लगे थे तो बीआरओ के आला अधिकारी सड़क पर बर्फ साफ करने में जुटे थे। वहां फंसे लोगों को बचाने के लिए सेना उतरी है, और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

अब तक 384 लोगों को बचाया गया-

अब तक सेना 384 लोगों को रेस्क्यू भी करा चुकी है। यह लोग कल शाम तक बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन के कैंप में काम कर रहे थे। हादसे के तुरंत बाद इंडियन आर्मी ने रेस्क्यू ऑपरेशन चालू कर दिया था, जिसमें अब तक 384 लोगों को बचाया जा चुका है। जिन्हें सुरक्षित बचाया जा चुका है।

अब तक हुए 8 शव बरामद-

शुक्रवार को उत्तराखंड के चमोली में नीति घाटी के पास एक ग्लेशियर टूट गया था, जिसके चलते हुई भूस्खलन में कई लोग फंस गए थे। इस हादसे में अब तक 8 शवों को बरामद किया जा चुका है। वही रेस्क़्यू अभियान जारी है।

6 लोग गंभीर रूप से हुए घायल-

इस हादसे में 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गये हैं। जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया गया है।

भारतीय सेना द्वारा लोगों को अलग-अलग समूहों में  करवाया गया रेस्क्यू-

भूस्खलन होने के बाद शुक्रवार को 55, 149, 37, 22, 9 और 19 लोगों को अलग-अलग समूहों में रेस्क्यू करवाया गया, लेकिन मौसम खराब होने के चलते सेना के जवानों को रात में ऑपरेशन रोकना पड़ा और शनिवार सुबह दोबारा ऑपरेशन चालू करवाया गया। यह रेस्क़्यू अभियान जारी है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने नीती घाटी के सुमना का हवाई सर्वे किया-

उत्तराखंड के चमोली जिले में जोशीमठ सेक्टर के सुमना क्षेत्र में हिमखंड टूटने के बाद सीएम तीरथ सिंह रावत ने आज घटनास्थल का हवाई निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने बताया कि घटना के बाद से भारतीय सेना, आईटीबीपी, बीआरओ, जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की ओर से राहत एवं बचाव कार्य किये जा रहे है। 

बर्फ के नीचे कई लोगों के फसें होने की आशंका-

अभी भी कैंप और सडक निर्माण स्थल में कई लोगो के बर्फ के नीचे फंसे होने की आशंका है। इसलिए उन्हें निकालने के प्रयास जारी है। वही राहत बचाव के काम के लिए सेना के हैलिकॉप्टर और पर्वतारोही बचाव दल को स्टैंड बाय पर रखा है, ताकि जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल किया जा सके। पिछले एक साल के कोरोना काल में इस तरह की ये दूसरी आपदा है।

7 फरवरी को भी चमोली जिले में ग़्लेशियर टूटने से आई थी बड़ी प्राकृतिक आपदा-

7 फ़रवरी को ग्लेशियर टूटने के चलते एक बडा हादसा हुआ था, जिसमें कई लोगो की जान चली गई थी। वही 7 फरवरी को सुबह चमोली जिले की ऋषिगंगा घाटी में ग्लेशियर के टूटने से बाढ़ आ गई थी। इस प्राकृति आपदा में कई लोगों की मौत हो गई थी। राहत और बचाव कार्य कई दिनों तक चलाया गया था। बाढ़ के कारण 13.2 मेगावाट ऋषिगंगा जलविद्युत प्रोजेक्ट पूरी तरह बर्बाद हो गया जबकि तपोवन विष्णुगाड को भारी क्षति पहुंची थी।