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श्रद्धा और भक्ति का सैलाब: अश्रुपूरित विदाई और अलौकिक उत्साह, 11वें पड़ाव पर फल्दियागांव पहुंचीं बधाण की नंदा, कनोल में दशोली व बंड की देवियों का भव्य स्वागत

उत्तराखंड: थराली/नंदानगर: उत्तराखंड की प्रसिद्ध श्री नंदा देवी राजराजेश्वरी यात्रा श्रद्धालुओं के अपार उत्साह के साथ आगे बढ़ रही है।

मां की विदाई पर आंखें नम

जानकारी के अनुसार आज सोमवार को बधाण परगना की लोकजात यात्रा अपने 11वें पड़ाव फल्दियागांव पहुंची, जबकि दशोली एवं बंड परगना की देव डोलियां व छतोलियां बड़ी जात यात्रा के तहत 11वें पड़ाव कनोल गांव पहुंचीं। पूरी यात्रा के दौरान अपनी ध्याणी (कुलदेवी) नंदा भगवती को विदा करते समय श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं और युवतियों की आंखें नम हो गईं।

अठवाड़ कौथिंग का आयोजन

सोमवार सुबह बधाण की नंदा देवी की उत्सव डोली 10वें पड़ाव इच्छोली से प्रस्थान कर कैल और हाट कल्याणी होते हुए फल्दियागांव पहुंची। मार्ग में जगह-जगह नंदा भक्तों ने यात्रा का भव्य स्वागत किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान कई श्रद्धालुओं पर नंदा देवी का अवतार हुआ, जिन्होंने नृत्य कर भक्तों को जौ और चावल का आशीर्वाद दिया। फल्दियागांव पहुंचने पर ग्राम प्रधान प्रेम सिंह परिहार और मनोज पाल परिहार की मौजूदगी में ग्रामीणों ने यात्रा का स्वागत किया, जिसके बाद वहां विशेष ‘अठवाड़ कौथिंग’ का आयोजन किया गया।

कनोल गांव पहुंचीं दशोली और बंड परगना की डोलियां

दूसरी ओर, दशोली और बंड परगना की देव डोलियां तथा अन्य क्षेत्रों की छतोलियां 10वें पड़ाव आला गांव से सुबह रवाना हुईं। आला, जोखना और सितेल गांवों में भक्तों की भारी भीड़ ने यात्रा का अभिनंदन किया। देर शाम यह यात्रा अपने 11वें पड़ाव नंदानगर ब्लॉक के कनोल गांव पहुंची, जहां कलश यात्रा और पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ डोलियों का स्वागत किया गया। कनोल में भी देवी की विशेष आराधना के लिए भव्य कौथिंग का आयोजन किया गया है।

श्रद्धालुओं में खासा उत्साह

मंदिर समिति कुरूड़ के अध्यक्ष सुखबीर सिंह रौतेला और बड़ी जात समिति के अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं और यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नंदा देवी की बड़ी जात और लोकजात यात्रा को लेकर क्षेत्र के लोगों और दूर-दराज से आए देवी भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

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