उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार राज्य के निवासियों को बेहतर और सुलभ चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए एक अनूठी पहल शुरू करने जा रही है।
खास पहल की शुरुआत
इसके तहत स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय की पहल पर राज्य के सभी 95 ब्लॉकों में तीन दिवसीय विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन शिविरों की शुरुआत आज 4 जुलाई से होगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर लगाने से राहत दिलाना है। इन शिविरों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जहाँ मरीजों को एक ही स्थान पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की राय और इलाज की सुविधा मिलेगी।
डाक सेवा मिलेगी सुविधा
शिविर में ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन, सीबीसी, थायराइड, लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट, कोलेस्ट्रॉल सहित कई अन्य महत्वपूर्ण जाँचें होंगी। एक्स-रे, हड्डियों की जाँच, ईसीजी, ब्लड प्रेशर और नेत्र परीक्षण होगा। शिविरों में हृदय रोग, अस्थि रोग, महिला एवं बाल रोग, त्वचा रोग और नेत्र रोग सहित विभिन्न विधाओं के विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे। साथ ही इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता मरीजों का डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है। स्वास्थ्य विभाग प्रत्येक मरीज का नाम, पता, बीमारी और स्वास्थ्य संबंधी पूरा विवरण डिजिटल रूप से दर्ज करेगा। इसके बाद मरीजों की बीमारी के आधार पर उनका वर्गीकरण किया जाएगा। मरीजों को बार-बार अस्पताल न आना पड़े, इसके लिए राज्य सरकार डाक विभाग के साथ मिलकर एक विशेष व्यवस्था शुरू कर रही है। इसके तहत मरीजों को हर 15 दिन में उनकी जरूरत की ‘एडवांस दवा’ सीधे उनके घर पर डाक के माध्यम से पहुँचाई जाएगी। उत्तराखंड ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य होगा।