मुंबई के प्रतिष्ठित मुकेश पटेल ऑडिटोरियम, जुहू में ग्लोबल आइकॉनिक बिजनेस एंड एंटरटेनमेंट – सिक्स सिग्मा अवॉर्ड्स 2025 का आयोजन किया गया।
किया गया सम्मानित
जो एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक शाम का साक्षी बना। यह आयोजन सिर्फ एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि उन विभूतियों का उत्सव था, जो अपने अदम्य साहस, सेवा भावना और राष्ट्रभक्ति से देश को गौरवान्वित कर रही हैं। इस गरिमामयी मंच पर सिक्स सिग्मा हेल्थकेयर की एसोसिएट कंसल्टेंट डॉ. सपना बुढलाकोटी को ‘ग़ायबा सिक्स सिग्मा एक्सीलेंस अवार्ड 2025’ से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें हाई-एल्टीट्यूड चिकित्सा सेवाओं में असाधारण योगदान के लिए प्रदान किया गया, जो दुर्गम परिस्थितियों में भी समर्पण और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है। इसके साथ ही, उन्हें ‘महाकुंभ मेडल’ से भी सम्मानित किया गया, जो महाकुंभ 2025 में समर्पित मेडिकल सेवाएं प्रदान करने वाले विशेषज्ञों को दिया जाता है।
रहें उपस्थित
इस गौरवशाली क्षण के साक्षी बने गायक उदित नारायण, एयर वाइस मार्शल मनोज मेहरा और भारतीय नौसेना के कप्तान, जिन्होंने मिलकर डॉ. सपना को इस विशिष्ट सम्मान से सम्मानित किया। इस दौरान बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार प्रेम चोपड़ा, फरीदा जलाल, इला अरुण और सिमरत कौर भी उपस्थित रहे।
नैनीताल जिले की निवासी
डॉ. सपना बुढलाकोटी मूल रूप से नैनीताल – भवाली की निवासी हैं। पिछले 5 वर्षों से सिक्स सिग्मा-माउंटेन मेडिसिन सोसाइटी के साथ मिलकर हाई-एल्टीट्यूड चिकित्सा सेवाओं में असाधारण योगदान दे रही हैं। उनकी सेवाएं केदारनाथ, बद्रीनाथ, तुंगनाथ, मध्यमहेश्वर और अमरनाथ जैसे अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराकर लाखों श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए जीवनदायिनी बनी हैं।
उनकी उपलब्धियां किसी भी भारतीय के लिए गर्व का विषय
✅ इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज राष्ट्रीय कीर्तिमान
✅ भारतीय सेना, आईटीबीपी, एयरफोर्स और आर्मी हाई-एल्टीट्यूड वॉरफेयर स्कूल, गुलमर्ग से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त
✅ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री द्वारा विशेष सम्मान
✅ हाई-एल्टीट्यूड चिकित्सा सेवाओं में स्वर्ण पदक विजेता
इन्हें दिया श्रेय
डॉ. सपना ने अपनी सफलता का श्रेय डॉ. प्रदीप भारद्वाज और डॉ. अनीता भारद्वाज को देते हुए कहा —जब सेवा धर्म बन जाए, जब कर्म कर्तव्य बन जाए, तब राष्ट्र निर्माण अपने सर्वोच्च शिखर पर पहुंच जाता है और यह पुरस्कार केवल मेरा व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि उन सभी वीरों और समर्पित चिकित्सकों का सम्मान है, जो विषम परिस्थितियों में भी राष्ट्र सेवा के लिए तत्पर रहते हैं। हाई-एल्टीट्यूड चिकित्सा और महाकुंभ जैसे पवित्र आयोजनों में मेडिकल सेवा देना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन जब सही मार्गदर्शन और टीम वर्क साथ हो, तो असंभव भी संभव हो जाता है।