Site icon Khabribox

अल्मोडा: उत्तराखंड के जननायक डॉ. शमशेर सिंह बिष्ट की 76 वीं जयन्ती मनाई गई

4 फरवरी 2022 उत्तराखंड के जननायक डॉ शमशेर सिंह बिष्ट की 76 वीं जयंती पर आज शमशेर स्मृति समारोह समिति द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया ।

जंगबहादुर थापा की अध्यक्षता में आयोजित की गई बैठक:

इस अवसर पर आयोजित बैठक में उत्तराखंड के जनमुद्दों पर वर्तमान चुनावों मे राजनैतिक दलों की चुप्पी पर अफसोस व्यक्त किया गया । जंगबहादुर थापा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उ लो वा के वरिष्ठ नेता एड़ जगत रौतेला ने कहा कि उत्तराखण्ड़ राज्य जनआन्दोलन से उपजा हुवा राज्य है । किन्तु प्रदेश के प्रमुख राजनैतिक दल जनमुद्दे की उपेक्षा कर रहे है।

जन पक्षीय मुद्दों को लेकर राजनीतिक दलों का कोई चिंतन नहीं है:

प्रदेश में पलायन , भू कानून, वन्नाधिकार कानून , राजधानी गैरसैण, जंगली जानवरों की समस्याएं प्रमुख हैं जिन पर किसी भी राजनैतिक दल का रुझान नहीं है । उन्होंने कहा कि नीतिगत मामलों में भी राजनैतिक चर्चाएं नही हैं , प्रदेश में जल संसाधन , वन संसाधन , भूमि संसाधन तथा खनिज संसाधनों पर भी राजनैतिक दलों का कोई चिन्तन नहीं है । इस सम्बन्ध मे कोई नीति नहीं होने से प्रदेश में सरकारे मनमानीपूर्ण फैसले ले रहे है ।

कार्यक्रम में कहा गया कि शमशेर सिंह बिष्ट के विचार हमेशा अमर रहेंगे:

पूरन चन्द्र तिवारी ने कहा कि बड़े बांधो के सवाल पर कोई नीति नहीं है । प्रदेश के जल संसाधन पर उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों का कब्जा होता जा रहा है । अजयमित्र सिंह बिष्ट ने कहा कि डॉ शमशेर सिंह बिष्ट के विचार हमेशा अमर रहेंगे और उनके विचारों पर अमल कर वाहिनी वैकल्पिक राजनीति तैयार करेगी और वह हमेशा जनपक्षीय मुद्दों को उठाते रहे , उ लो वा प्रवक्ता दयाकृष्ण काण्डपाल ने कहा कि राज्य की राजधानी गैरसैण , भू कानून , वनधिकार कानून लागू करने व मुजफ्फरनगर काण्ड के दोषियों को जो भी दल सजा दिलाये राज्य की आन्दोलनकारी ताकतें उसी का समर्थन करेगी।

बैठक में उत्तराखंड के विभिन्न जन आंदोलनों की यादों को ताजा किया गया:

बैठक में डॉ शमशेर सिंह बिष्ट को याद करते हुए उत्तराखण्ड के विभिन्न जन आन्दोलनों की यादों को ताजा किया गया। जिसमें वन आन्दोलन , नशा नही रोजगार दो आन्दोलन , राज्य आन्दोलन , बड़े बांधों के खिलाफ आन्दोलन तथा नदी बचाओ आन्दोलनो को याद किया गया ।

डॉ. बिष्ट ने आजीवन पहाड़ के हक व हितों की लड़ाई लड़ी है:

इस अवसर पर कुणाल तिवारी ने गिर्दा के जन आन्दोलनो के गीत गाये । गोष्ठी में रेवती बिष्ट ने कहा कि डा 0 बिष्ट ने आजीवन पहाड़ के हक व हितों की लडाई लड़ी आज उनके निधन के बाद पहाड़ की आवाज खो सी गई है जो राज्य हित मे नहीं है । इस अवसर पर नदी बचाओं अभियान से जुड़ी बसन्ती बहिन को पदमश्री दिये जाने पर वाहनी की ओर से बधाई दी गई ।

डॉ. बिष्ट के सुझाए मार्ग पर चलने की नव युवकों से की गई अपील:

अजय मेहता ने वर्तमान समस्याओं का हवाला देते हुए डॉ. बिष्ट के सुझाए मार्ग पर चलने की नव युवकों से अपील की। वक्ताओं ने जननायक शमशेर सिंह बिष्ट को याद करते हुए बताया की अल्मोड़ा में पानी की सुचारू आपूर्ति से लेकर विश्वविद्यालय, सैनिक भर्ती बोर्ड सहित तमाम ऐसे उदाहरण हैं जो उनके अथक प्रयास के बिना मुमकिन नहीं थे । अंत में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जंग बहादुर थापा ने जननायक डा.बिष्ट के साथ किए गए जन संघर्षों को याद कर कहा कि आज फिर समाज को एक जननायक की बहुत आवश्यकता है।

कार्यक्रम में मौजूद रहे:

कार्यक्रम में नवीन पाठक, बिशन दत्त जोशी , अदिति बिष्ट , माधुरी मेहता ,पुष्पा बिष्ट, सूरज टम्टा, कुंदन सिंह, आराध्य सिंह बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

Exit mobile version