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अल्मोड़ा: चौसली- क्वारब स्थित हनुमान गड़ी मंदिर में ज्येष्ठ अंतिम बड़े मंगल के अवसर पर सुंदरकांड का किया गया भव्य आयोजन, वितरित किया प्रसाद

हनुमान भक्तों द्वारा आज मंगलवार दिनांक 10/06/2025, को चौसली-क्वारब स्थित हनुमान गड़ी मंदिर में भव्य सुन्दर-कांड का पाठ का आयोजन किया गया।

ग्रहण किया प्रसाद

इस मौके पर सुंदरकांड का पाठ व आरती के पश्चात वहां की स्थानीय जनता व हनुमान भक्तों द्वारा देर शाम तक प्रभु श्री राम, हनुमान जी से लेकर माता रानी के सुंदर-सुंदर भजन गाए गए। भजनों व‌ जयकारों के साथ मन्दिर परिसर के माहौल को भक्तिमय बना दिया। स्थानीय जनता के साथ अल्मोड़ा नगर व राष्ट्रीय राजमार्ग से (हल्द्वानी-अल्मोड़ा) गुजरने वाले यात्रियों ने भी हनुमान गड़ी मंदिर में हो रहे सुंदर कांड में उपस्थित होकर प्रभु श्री राम दरबार व पंचमुखी हनुमान जी के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया।

रहें मौजूद

इस मौके पर दीप बिष्ट, प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल अल्मोड़ा जिला महामंत्री भैरव गोस्वामी, मधुकर जोशी, पार्षद गुंजन चम्याल, भाजपा हवालबाग मंडल अध्यक्ष संजय सिंह बिष्ट, गौरव भट्ट, प्रीति बिष्ट, बीना बिष्ट, खष्टी सांमन्त, रेखा रौतेला, ममता साहनी, दीपा पाण्डेय, गीता जोशी, रीता बिष्ट, लीला बिष्ट, सुमन बिष्ट, साँची बिष्ट व बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहें।

जाने इससे जुड़ी पौराणिक मान्यता

मान्यता है कि ज्येष्ठ महीने के मंगलवार को ही भगवान राम से उनके दूत हनुमान की मुलाकात हुई थी‌। भक्त और भगवान के इसी मिलन की तिथि को उत्सव के रूप में मनाने की परंपरा है‌। यह परंपरा त्रेतायुग से जुड़ी हुई है।
📌📌पौराणिक कथा के अनुसार ज्येष्ठ माह के मंगलवार के दिन ही हनुमान जी अपने प्रभु श्री राम जी से मिले थे। जब वह पहली बार मिले थे, तो उनके बारे में जानने के लिए उन्होंने एक बढ़े ऋषि का रूप धरा था। इसी के कारण इसे बुढ़वा मंगल कहा जाता है।
📌📌दूसरी कथा के अनुसार, महाभारत काल में भीम अपनी शक्ति के लिए जाने जाते थे। इसी के कारण उन्हें अपनी शक्ति पर काफी घमंड था। ऐसे में हनुमान जी ने उन्हें सबक सिखाने के लिए एक बूढ़े बंदर का भेष धारण किया और भीम का घमंड चूर कर दिया था।

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