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अल्मोड़ा: साहस की नई मिसाल: वायु सेना के पूर्व जवान पंकज मेहता और मनीष ने नेपाल में रचा इतिहास,मात्र 4 दिनों में फतह किया ‘अपि हिमाल’ बेस कैंप

अल्मोड़ा: भारत और नेपाल की सदियों पुरानी मित्रता में एक नया अध्याय जोड़ते हुए, अल्मोड़ा के दो साहसिक युवाओं ने हिमालय की दुर्गम चोटियों पर सफलता का परचम लहराया है।

बनाया नया रिकॉर्ड

अल्मोड़ा जनपद के मेहतगांव निवासी पंकज मेहता और मनीष मेहता ने नेपाल के सुदूर पश्चिमी क्षेत्र में स्थित चुनौतीपूर्ण अपि हिमाल बेस कैंप ट्रेक को मात्र चार दिनों में पूरा कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। आमतौर पर हफ्तों में पूरा होने वाले इस सफर को पंकज और मनीष ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से बेहद संक्षिप्त समय में समेट दिया।

यह रहें चरण

पहले चरण में अभियान की शुरुआत मेहतगांव से झूलाघाट तक कार से हुई। इसके बाद नेपाल के मकरीगाड़ तक का 150 किलोमीटर का सफर तय किया गया, जिसमें 50 किलोमीटर का रास्ता खतरनाक ‘ऑफरोड’ था। मकरीगाड़ से आगे का सफर पैदल था। दोनों ने दो दिनों के भीतर लगभग 96 किलोमीटर का अत्यंत कठिन पैदल ट्रेक पूरा कर बेस कैंप तक पहुंच बनाई। उसी चुनौतीपूर्ण मार्ग से वापस लौटते हुए उन्होंने अल्मोड़ा से अल्मोड़ा तक का पूरा मिशन रिकॉर्ड 4 दिनों में सफलतापूर्वक संपन्न किया।

अनुभव और साहस का अनोखा संगम

​इस उपलब्धि के पीछे पंकज मेहता का विशाल अनुभव काम आया। पंकज भारतीय वायु सेना में 20 वर्षों तक अपनी सेवाएं दे चुके हैं और पर्वतारोहण की दुनिया में उनके नाम चार वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज हैं। उन्होंने JIM & WS और NIMAS जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से पर्वतारोहण का प्रशिक्षण लिया है। पंकज मेहता ने बताया कि सुदूर पश्चिम नेपाल प्राकृतिक सुंदरता के मामले में अद्भुत है। वहां के लोगों का सहयोग और मित्रता दिल जीतने वाली है। हमारा उद्देश्य साहसिक पर्यटन के जरिए दोनों देशों के संबंधों को और प्रगाढ़ करना है। इस अभियान की सफलता में अल्मोड़ा के वीरेंद्र बिष्ट और नेपाल के टूरिस्ट एंबेसडर हिमालया भाट्ट की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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