October 17, 2021

अल्मोड़ा: आशा हेल्थ वर्कर्स को पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा घोषित सम्मान राशि योजना को धरातल पर उतरने का इंतज़ार, सात सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल जारी

 88 total views,  2 views today

कोरोना काल में  अहम भूमिका निभा रही आशा वर्करस ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार को हड़ताल की। सीटू से संबंधित आशा हेल्थ वर्कर ने 7 सूत्रीय मांगों पर कोई सुनवाई नहीं होने पर विरोध प्रदर्शन कर हड़ताल की।  सभी विरोध प्रदर्शन कर्ताओं द्वारा डीएम के माध्यम से  प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा ।

केंद्र और राज्य सरकार की ओर से तीन सालों से नहीं बढ़ाया गया मानदेय

सभी आशा वर्कर्स ने कहा कि पिछले तीन सालों से  केंद्र और राज्य सरकार से उनका मासिक मानदेय नहीं बढ़ाया गया है। प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की गई आशाओं को 10 हजार सम्मान राशि देने की घोषणा को धरातल में उतरने का इंतजार जारी है ।

अन्य फ्रंट लाइन वर्कर्स की भांति उन्हें भी समस्त सुविधा और मानदेय मिलना चाहिए

कार्यकत्रियों ने कहा कोरोना कॉल में घर- घर जाकर आशा अपनी जान जोखिम में डालकर काम रही है। उनको सुरक्षा उपकरण व फ्रंटलाइन वर्कर की तरह सम्मान व मानदेय मिलना चाहिए ।आशाओं ने अन्य कर्मचारियों की तरह समस्त सुविधा व मानदेय देने, स्वास्थ्य बीमा की परिधि में लाने, कार्य के दौरान मृत्यु होने पर उसके परिवार को 50 लाख का बीमा राशि देने, बीमार होने पर 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने, 45 व 46 वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों की मांग की गयी।

हड़ताल में इतने लोग रहे मौजूद

हड़ताल में विजय लक्ष्मी, नीमा जोशी, दीपा भंडारी, देवकी बिष्ट, भगवती, ममता भट्ट, किरन साह, माया नेगी, बीना जोशी, प्रेमा सुपियाल रहीं। जिले के कई ब्लॉकों से आशाओं ने आंदोलन को समर्थन दिया ।