उत्तराखंड: उत्तराखंड के अल्मोड़ा में स्थित राजस्व पुलिस एवं भूलेख सर्वेक्षण संस्थान को आधुनिक और भविष्य की प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप सुदृढ़ किया जाएगा।
दिए यह निर्देश
जिस पर इस संबंध में मंगलवार को देहरादून स्थित राजस्व परिषद के सभागार में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। मिली जानकारी के अनुसार इस संबंध में राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव रंजना राजगुरु की अध्यक्षता में बैठक हुई। इस बैठक में संस्थान के आधुनिकीकरण और प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। आयुक्त ने कहा कि यह संस्थान नायब तहसीलदारों, राजस्व निरीक्षकों और राजस्व उप निरीक्षकों (पटवारी/लेखपाल) के प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र है। इसे ऐसा विकसित किया जाए जिससे प्रशिक्षु सुशासन, पारदर्शिता और भू-अभिलेखों के प्रबंधन में पूरी तरह दक्ष हो सकें। बैठक में आधुनिक भू-सर्वेक्षण तकनीकों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। इसके तहत डीजीपीएस रोवर (DGPS Rover), ईटीएस (ETS) जैसे आधुनिक उपकरणों और नए सॉफ्टवेयर का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम के तहत मिले बजट का शत-प्रतिशत और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, संस्थान में आधुनिक ट्रेनिंग लैब स्थापित कर जीआईएस (GIS) और ई-गवर्नेंस से जुड़े सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण देने को कहा गया। बैठक में संस्थान के आवासीय, गैर-आवासीय भवनों, छात्रावास और पुस्तकालय की स्थिति की समीक्षा की गई। जर्जर भवनों की मरम्मत और खेल मैदान के उन्नयन के लिए जल्द ही शासन स्तर से बजट स्वीकृति प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रशिक्षण के लिए आने वाले युवाओं के लिए छात्रावास और मेस की व्यवस्था को उच्च गुणवत्तापूर्ण और स्वच्छ बनाया जाए।