December 7, 2021

अल्मोड़ा: मुख्यमंत्री ने योग आधारित अंतरराष्ट्रीय वेबिनार का किया उद्घाटन, योग विभाग को सर्वोत्तम केंद्र के रूप में विकसित करने पर जताई सहमति

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योग विज्ञान विभाग ,सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय एवम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर ऑफ यौगिक साइंसेज के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय बेबीनार का उदघाटन प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत,स्वामी विवेकानन्द योग संस्थान विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो एच आर नागेन्द्रम ,कुलपति प्रो एन एस भंडारी व विभागध्यक्ष व बेबीनार संयोजक डॉ नवीन भट्ट द्वारा किया गया। स्वस्ति वाचन के साथ उद्घाटन किया गया।

योग का सर्वोत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग

कुलपति प्रो एन एस भंडारी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि योग विज्ञान विभाग ,सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय बेहतर कार्य कर रहा है। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री से योग विज्ञान विभाग को योग का सर्वोत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित करने हेतु आवश्यक सुविधाएं व ढांचा हेतु कार्यवाही करने का निवेदन किया।कुलपति प्रो एन एस भंडारी ने माननीय मुख्यमंत्री को विश्वविद्यालय की उपलब्धियों से अवगत कराते हुए कहा कि विश्वविद्यालय बेहतर कार्य कर रहा है।उन्होंने योग विभाग द्वारा निरंतर समाज हित मे किये जा रहे कार्यो की जानकारी मुख्यमंत्री जी को दी।

मुख्यमंत्री ने योग के सर्वोत्तम केंद्र के रूप में विकसित करने का आश्वासन दिया

कार्यक्रम की भूमिका बताते हुए योग विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ नवीन भट्ट ने अतिथियों को योग विज्ञान विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यो की जानकारी देते हुए कहा कि योग विज्ञान विभाग द्वारा निरन्तर समाज हित में कार्य हो रहे है।विभाग अनेकों सेमिनारों,कार्यशालाओं,प्रशिक्षण शिविरों,जनजागरण कार्यक्रमों,रक्तदान,स्वच्छता,जल संरक्षण ,पर्यावरण संरक्षण आदि कार्यक्रमों से समाज को लाभान्वित कर रहा है।योग विज्ञान विभाग का उद्देश्य बताते हुए कहा कि योग विज्ञान विभाग का उद्देश्य गुणवत्तापरक शिक्षा के साथ ही ऐसी पीढ़ी का निर्माण करना जो राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका का निर्वहन कर सकें। बेबीनार के संयोजक डॉ नवीन भट्ट ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने अल्मोड़ा को एक वैदिक शिक्षा के केंद्र के रूप में वह विकसित करना चाहते थे।उन्होंने मुख्यमंत्री से योग विज्ञान विभाग को एक सर्वोत्तम केंद्र के रूप में विकसित करने एवं योग को प्राथमिक से उच्च शिक्षा स्तर योग को अनिवार्य करने एवं  योग प्रशिक्षितों को नियुक्ति प्रदान करवाने की मांग की ।माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा इस पर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया ।

मुख्यमंत्री ने कहा कोरोना काल में योग वरदान साबित हुआ है।

मुख्य अतिथि के तौर पर सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत द्वारा योग विज्ञान विभाग के द्वारा किये जा रहे कार्यों की भूरि भूरि प्रसंशा की ।उन्होंने कहा  कि कोरोना काल में योग वरदान साबित हुआ है।उन्होंने कहा कि योग हमारे ऋषि-संतो द्वारा दी गयी अनुपम देन है जिससे मानव कल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ेगा।उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से योग विज्ञान विभाग समाज हित व राष्ट्र हित के कार्यों को किया जा रहा है वह मील का पत्थर साबित होगा।उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के योग विज्ञान विभाग को समस्त सुविधाएं व ढांचा विकसित किया जाएगा ताकि वह रचनात्मक व समाजहित में अपनी भूमिका और सही तरीके से निर्वहन कर सकें।उन्होंने विभागध्यक्ष व कार्यक्रम के संयोजक डॉ नवीन भट्ट की मांगों पर अपनी सहमति प्रदान करते हुए आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

योग गुरु प्रो एच आर नागेन्द्रम ने बताई योग की महत्ता

उदघाटन समारोह के मुख्य वक्ता स्वामी विवेकानन्द योग अनुसंधान संस्थान विश्वविद्यालय के कुलाधिपति व प्रधानमंत्री जी के योग गुरु प्रो एच आर नागेन्द्रम ने योग की महत्ता पर व्यापक प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि योग के द्वारा व्यक्ति शारीरिक,मानसिक व आध्यत्मिक विकास किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि आज सम्पूर्ण दुनिया ने योग के महत्व को स्वीकार किया है।उन्होंने योग के सभी पहलुओं पर व्यापक प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि योग विज्ञान विभाग,सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानन्द योग अनुसंधान संस्थान विश्वविद्यालय के साथ एम ओ यू करने की अपनी सहमति व्यक्त की व हर प्रकार से सहयोग प्रदान करने की बात की।उन्होंने योग विज्ञान विभाग के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर  किये जा रहे  आयोजन को समाज की आवश्यकता बताते हुए कहा कि योग से ही सारी समस्याओं का समाधान होगा।अंत मे संचालन कर्ता मोनिका बंसल ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।इस दौरान हजारों लोग वर्चुवल रूप से उपस्थित थे।