October 19, 2021

अल्मोड़ा: लड़की के वायरल विडियो प्रकरण में बाल कल्याण समिति ने लिया संज्ञान, एसएसपी अल्मोड़ा ने दिए जांच के निर्देश, दन्या में हुआ मुकदमा दर्ज।

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दन्या में हुई घटना के बाद लड़के के साथ ग्रामीणों द्वारा की गई मारपीट का विडियो वायरल हुआ था। जिसमें और विडियो भी सामने आए थे। जिसके बाद अब लड़की के इंटरव्यू से जुड़ा एक मामला सामने आया है।

कुछ इलेक्ट्रॉनिक न्यूज चैनल द्वारा लड़की के इंटरव्यू का विडियो किया जा रहा है प्रचारित –

कुछ इलेक्ट्रॉनिक न्यूज चैनल द्वारा जिसमें दिपाॅशु कॅुवर जेजेएन व अन्य न्यूज चैनलों द्वारा नाबालिक के इन्टरव्यू को प्रचारित, अनर्गल तरीके से पूछताछ कर बच्ची की पहचान उजागर करने की कोशिश की जा रही है।

लड़की की सुरक्षा को खतरा होने आदि के संबंध में न्यूज चैनलों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही के संबंध में पत्र किया गया था प्रेक्षित-

एसएसपी अल्मोड़ा को पत्र प्रेषित किया गया था जिसमें
लड़की की सुरक्षा को खतरा प्रतीत होने एवं बाल हित में संबंधित न्यूज चैनलों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही करने व सुरक्षा प्रदान करने के संबंध में लिखा गया था।

लड़की वीडियो वायरल प्रकरण में बाल कल्याण समिति ने लिया संज्ञान-

जिसके बाद लड़की  वीडियो वायरल प्रकरण में बाल कल्याण समिति ने संज्ञान लिया।

एस0एस0पी0 अल्मोड़ा ने प्रकरण की जाॅच व वैधानिक कार्यवाही के दिए निर्देश-

पंकज भट्ट वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा द्वारा प्रकरण की संवेदनशीलता एवं गम्भीरता को देखते हुए तत्काल थानाध्यक्ष दन्या श्री सन्तोष देवरानी को मामले में आवश्यक कार्यवाही हेतुु निर्देशित किया गया।

इस प्रकरण में शीघ्र कार्यवाही कर इन न्यूज़ चैनलों पर हुआ मुकदमा दर्ज-

थानाध्यक्ष दन्या द्वारा प्रकरण में शीघ्र कार्यवाही कर उक्त संबंधित न्यूज चैनलों व अन्य इलेक्ट्रॉनिक मीडिया व अन्य लोगों के विरुद्ध थाना दन्या में मु0अ0सं0- 16/2021 धारा- 23 पोस्को, किशोर न्याय अधिनियम की धारा- 74 के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज कराया गया तथा प्रकरण की निष्पक्ष विवेचना व आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही किए जाने के उद्देश्य से की विवेचना महिला थानाध्यक्ष श्वेता नेगी के सुपुर्द की गई है।

एसएसपी अल्मोड़ा की सभी सम्मानित जनता से अपील-

एसएसपी अल्मोड़ा ने सभी सम्मानित जनता से अपील की है कि नाबालिक की पहचान उजागर करना माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशानुसार व विभिन्न नियमों के तहत नाबालिग पीड़िता/नाबालिक विधि के विरोध में बालक/बालिका की पहचान तथा विद्यालय का पता उजागर करना दंडनीय अपराध है। जिसमें नाबालिक का किसी भी प्रकार का प्रकटीकरण उसके फोटो को प्रसारित किया जाना भी कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसा करने वालों पर सख़्त कानूनी कार्यवाही की जा सकती है।