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अल्मोड़ा: हरेला पर्व पर अल्मोड़ा में गरजे सीएम धामी, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का किया आगाज, जागेश्वर के लिए कीं यह 8 बड़ी घोषणाएं

अल्मोड़ा: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को अल्मोड़ा जिले के गरुड़ाबाज मैदान में हरेला पर्व के पावन अवसर पर राज्य स्तरीय “एक पेड़ माँ के नाम” वृहद पौधारोपण अभियान का शुभारंभ किया।

अभियान का शुभारंभ

इस दौरान उन्होंने खुद पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और प्रदेशवासियों से प्रकृति के संरक्षण का सामूहिक संकल्प लेने की अपील की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम में शिरकत की, जहां विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों के माध्यम से हजारों स्थानीय लोगों को सीधे जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिला।‌ जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंच से आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
1. ​वृद्ध जागेश्वर का विकास: वृद्ध जागेश्वर धाम का समग्र और व्यवस्थित विकास किया जाएगा।
2. ​पेयजल योजना: वृद्ध जागेश्वर मंदिर परिसर तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए विशेष पेयजल योजना तैयार की जाएगी।
3. ​पौराणिक धरोहरों का संवर्धन: जागेश्वर धाम की पौराणिक धरोहरों, विशेष रूप से ऐरावत गुफा, जटा गंगा उद्गम स्थल कोटिलिंग, कोटली स्थित ‘शिव पौ’ (पांव) और आरतोला से जागेश्वर तक सड़क किनारे स्थित सभी मंदिरों का पर्यटन की दृष्टि से विकास होगा।
4. ​राज्य अतिथि गृह: आरतोला के समीप एक आधुनिक राज्य अतिथि गृह (State Guest House) का निर्माण किया जाएगा।
5. ​डिजिटल कनेक्टिविटी: नेटवर्क की समस्या को दूर करने के लिए जागेश्वर, वृद्ध जागेश्वर और आरतोला क्षेत्र में नए मोबाइल टावर स्थापित किए जाएंगे।
6. ​मल्टी लेवल पार्किंग: आरतोला स्थित वर्तमान पार्किंग स्थल को आधुनिक ‘मल्टी लेवल पार्किंग’ में तब्दील किया जाएगा।
7. ​इको-फ्रेंडली सड़क सुधार: आरतोला से जागेश्वर सड़क मार्ग पर आरसीसी नाली का निर्माण होगा और सड़क के शोल्डर को पेव्ड (paved) किया जाएगा, जिससे पेड़ों को काटे बिना सड़क की क्षमता बढ़ाई जा सके।
8. ​उच्च शिक्षा को बढ़ावा: दन्या डिग्री कॉलेज में इसी सत्र से एमए (MA) की कक्षाएं शुरू की जाएंगी।

​हरेला सिर्फ त्योहार नहीं, हमारी सांसों से जुड़ा आंदोलन है

​जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्यावरण और उत्तराखंड की संस्कृति पर जोर देते हुए कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का प्रतीक है। आज के दिन हर नागरिक को अपनी मां के नाम पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिए और उसकी सुरक्षा का जिम्मा भी उठाना चाहिए। हमारी सरकार देवभूमि के मूल स्वरूप, संस्कृति और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए समान नागरिक संहिता (UCC), सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और कड़ा नकल विरोधी कानून लेकर आई है।

कहीं यह बात

केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में आज उत्तराखंड में कनेक्टिविटी (सड़क, रेल और डिजिटल) का ऐतिहासिक विस्तार हो रहा है। उन्होंने हर व्यक्ति से पर्यावरण बचाने के लिए पौधे लगाने की अपील की। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बीते 5 वर्षों की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि उत्तराखंड प्रति व्यक्ति आय, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मानकों में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है।‌ क्षेत्रीय विधायक मोहन सिंह मेहरा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए आभार जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का जागेश्वर क्षेत्र से आत्मीय लगाव है; वे अपने कार्यकाल में अब तक 25 बार इस क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं, जो यहां के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

रहे मौजूद

​इस आयोजन के दौरान रानीखेत विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, दर्जा मंत्री गोविंद पिलख्वाल, कुंदन लटवाल, भावना मेहरा, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, पलायन निवारण आयोग के सदस्य अनिल सिंह साही, मेयर अजय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी—प्रधान वन संरक्षक कपिल लाल, सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव हिमांशु खुराना, जिलाधिकारी अंशुल सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़के मौजूद रहे।

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