राष्ट्रीय गीत बनने तक का बताया सफर, जो आगे चलकर भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के दौरान लाखों भारतीयों का बना रणघोष
अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। अल्मोड़ा में वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने का स्मरणोत्सव के उपलक्ष्य में अटल उत्कृष्ट रा.इ.का. सलौंज के एनसीसी कैडेट द्वारा विद्यालय में विभिन्न आयोजन किए गए।
दी यह जानकारी
इस अवसर पर विद्यालय के एनसीसी कैडेट द्वारा वंदे मातरम सामूहिक गीत गाया गया। साथ ही विभिन्न प्रतियोगिता आयोजित करवाई गई। जिसमें वंदे मातरम पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता, वाद विवाद प्रतियोगिता एवं निबंध प्रतियोगिता करवाई गई। एनसीसी कैडेट द्वारा विद्यालय में स्वच्छता व वृक्षारोपण कार्यक्रम किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर शंकर सिंह भैसोड़ा ने एनसीसी कैडेट को बताया कि आज ही के दिन ‘अक्षय नवम’ 07 नवंबर 1875 को बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा वंदे मातरम गीत लिखा गया। जो आगे चलकर भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के दौरान लाखों भारतीयों का रणघोष बना, तथा इसे राष्ट्रीय गीत बनने तक के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।
रहें उपस्थित
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनील कुमार चौधरी, 77 यू.के. बटालियन एनसीसी अल्मोड़ा के इंस्टेक्टर हालदार नवल किशोर ने भी एनसीसी कैडेट को वंदे मातरम गीत के बारे में विस्तार से बताया। इस कार्यक्रम में गिरीश लाल आगरी, नवीन सनवाल, ललित तिवारी, बेनी प्रसाद, मीता खन्ना, उर्मिला शर्मा, नसरीन, गीता आर्या, प्रगति रौतेला, गौरव भाकुनी, काजल भोज, कुसुम राठौर, कैलाश नाथ गोस्वामी, भगवती गोस्वामी, गौरव कुमार, सतीश कुमार आदि लोग उपस्थित रहे।