अल्मोड़ा: जिला न्यायाधीश एवं मोटरयान दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी श्रीकान्त पाण्डेय की अदालत ने एक सड़क दुर्घटना के मामले में फैसला सुनाया है।
जानें पूरा मामला
जिस पर अदालत ने पीड़ित के पक्ष में अहम फैसला सुनाया है। न्यायालय ने दुर्घटना की शिकार हुई बस की टक्कर मारने वाले कैंटर की बीमा कंपनी को पीड़ित को 638,142 रुपये का मुआवजा 6 फीसदी ब्याज दर के साथ एक महीने के भीतर भुगतान करने का आदेश दिया है। जानकारी के अनुसार यह मामला 8 अक्टूबर 2021 का है। याचिकाकर्ता, अल्मोड़ा के पठूरा निवासी सूरज कुमार, हल्द्वानी से केएमओयू (KMOU) की बस से अपने घर लौट रहे थे। खैरना के पास सामने से आ रहे एक कैंटर चालक ने तेजी व लापरवाही से वाहन चलाते हुए बस में टक्कर मार दी। इस हादसे में खिड़की की सीट पर बैठे सूरज कुमार का दाहिना हाथ तीन अलग-अलग जगहों से टूट गया और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए पहले खैरना स्वास्थ्य केंद्र, फिर एसटीएच (हल्द्वानी) और बाद में बरेली स्थित राममूर्ति अस्पताल ले जाया गया। वादी पक्ष के अधिवक्ता जमन सिंह बिष्ट के अनुसार, सूरज के हाथ के तीन बड़े ऑपरेशन किए गए, जिसके बावजूद उनके हाथ में स्थायी अक्षमता (दिव्यांगता) आ गई। इस वजह से उनका पूरा करियर और भविष्य प्रभावित हो गया है।
अदालत के निर्देश
इस मामले की सुनवाई के दौरान विपक्षी पक्ष की ओर से बचाव में कई तर्क रखे गए। हालांकि, अधिवक्ता जमन सिंह बिष्ट द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कैंटर चालक की लापरवाही साबित हो गई। साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए जिला जज ने पीड़ित को आर्थिक राहत प्रदान करते हुए बीमा कंपनी को मुआवजा राशि का जल्द से जल्द भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।