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अल्मोड़ा: अदालत का फैसला, डिजिटल अरेस्ट के ठग की जमानत याचिका की खारिज

अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। अल्मोड़ा में सत्र न्यायाधीश श्रीकांत पांडे की अदालत ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर भाई और बहन को डिजिटल अरेस्ट कर 75 लाख से अधिक की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी की जमानत याचिका खारिज की है।

जानें पूरा मामला

जानकारी के अनुसार 23 मार्च 2025 को वादी पूरन चंद्र जोशी को तीन बार व्हाट्सएप कॉल आई थी। इसमें आरोपी ने खुद को पुलिस का अधिकारी बताया। जिस पर कहा कि आपकी आईडी बच्चों का अपहरण करने वाले गिरोह में लगी हुई है। आप 6.8 करोड़ रुपये के मनीलांड्रिंग केस में संलिप्त पाए गए हैं। आपके सभी खातों की जांच होनी है। आरोपी ने वादी को डराकर करीब 3.4 लाख रुपये अपने खाते में जमा करवा लिए। बैंक में पैसे जमा करने वादी की बहन भगवती पांडे भी उनके साथ गई थीं। आरोपी ने बहन को भी डर दिखाया और उनके बैंक खातों की जानकारी ले ली। इसके बाद 25 मार्च 2025 से सात अप्रैल 2025 तक दोनों भाई-बहन ने आरोपी के खाते में 75,73,047 रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद पुलिस में शिकायत के बाद केस दर्ज हुआ और आरोपी को गिरफ्तार किया।

अदालत का आदेश

जिस पर आरोपी जुनेजा दिलावर निवासी महेंद्रपड़ा 14 मोरवी पुलिस स्टेशन ए- डिवीजन गुजरात ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 (5), 318 (4) और 61(2) के तहत अपनी जमानत के लिए न्यायालय में अर्जी दी थी। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर याचिका को निरस्त कर दिया है।

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