अल्मोड़ा के जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने क्वारब बाईपास मार्ग की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। हाल ही में हुई भारी बारिश और भूस्खलन के बाद स्थिति को देखते हुए भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने और क्षेत्र में जोखिम पैदा कर रहे विद्युत पोल को तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को किए गए स्थलीय निरीक्षण के दौरान मार्ग को भू-वैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील पाया गया।
भारी वाहनों की होगी सघन चेकिंग
निरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि संवेदनशील क्वारब बाईपास मार्ग पर भारी एवं ओवरलोड वाहनों की निरंतर आवाजाही हो रही है। भारी वाहनों के कारण ढालों की स्थिरता प्रभावित होने तथा भूस्खलन की संभावना बढ़ने की आशंका बनी हुई है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा संभागीय परिवहन अधिकारी को तत्काल प्रभाव से पुलिस एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीम तैनात कर भारी एवं ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध विशेष सघन वाहन चेकिंग अभियान संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा क्षेत्र में निरंतर निगरानी बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं, जिससे भूस्खलन अथवा अन्य किसी अप्रिय घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित रहे।
दिए जरूरी निर्देश
इसके अलावा निरीक्षण के दौरान भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में उत्तराखण्ड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड का एक विद्युत पोल भी गंभीर जोखिम की स्थिति में पाया गया। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, यूपीसीएल को निर्देशित किया है कि संबंधित स्थल का तत्काल संयुक्त निरीक्षण कर विद्युत पोल का तकनीकी परीक्षण कराया जाए तथा आवश्यकता के अनुसार उसे प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित एवं उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पुनः भूस्खलन अथवा भू-धंसाव की स्थिति में विद्युत पोल के क्षतिग्रस्त होने से विद्युत आपूर्ति बाधित होने, जन-धन की हानि तथा राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
रहें उपस्थित
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी संजय कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग हर्षित गुप्ता , जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।