अल्मोड़ा: अल्मोड़ा पुलिस के ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत फर्जी लोन घोटाले में एक हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ है। जिस शख्स ने खुद को पीड़ित बताकर बैंक धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था, पुलिस जांच में वह खुद ही इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड और मुख्य हिस्सेदार निकला।
जानें मामला
अल्मोड़ा कोतवाली पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ता (वादी) समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बीते वर्ष 19 सितंबर 2025 को सोमेश्वर निवासी दिनेश सिंह नेगी ने अल्मोड़ा कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने उसकी फर्म ‘जय गोली ट्रेडर्स’ के नाम पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) अल्मोड़ा का फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर यूनियन बैंक से लोन निकाल लिया है। दिनेश की शिकायत पर पुलिस ने धीरेंद्र सिंह गैलाकोटी और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी (FIR No. 85/2025) का मुकदमा दर्ज किया था। एसएसपी अल्मोड़ा चन्द्रशेखर घोडके के सख्त निर्देशों पर जब धारानौला चौकी प्रभारी आनंद बल्लभ कश्मीरा ने मामले की गहराई से जांच (विवेचना) की, तो पूरी कहानी पलट गई।
तीन लोग गिरफ्तार
जांच में सामने आया कि लोन किसी और ने नहीं, बल्कि खुद शिकायतकर्ता दिनेश सिंह नेगी ने ही अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फर्जी कोटेशन, बिल और सीएमओ का नकली सर्टिफिकेट लगाकर बैंक से पास कराया था। भेद खुलने के डर से या बैंक को गुमराह करने के लिए दिनेश ने खुद ही पीड़ित बनकर मुकदमा दर्ज करवा दिया था। सच सामने आने के बाद पुलिस ने मुकदमे में कड़ी धाराएं (61(2)/336/338/340 BNS) बढ़ा दीं। पुलिस टीम ने 19 मई 2026 को छापेमारी कर इस घोटाले के तीनों मुख्य किरदारों को अल्मोड़ा से गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्तों में दिनेश सिंह नेगी (साजिशकर्ता वादी) – पुत्र चन्दन सिंह, निवासी- सोमेश्वर, अल्मोड़ा।, धीरेंद्र सिंह गैलाकोटी (नामजद आरोपी) – पुत्र राजेन्द्र सिंह, निवासी- लोअर माल रोड, अल्मोड़ा व सुनील सिंह करायत – पुत्र चन्दन सिंह, निवासी- बग्वाली पोखर, द्वाराहाट, अल्मोड़ा शामिल हैं।