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अल्मोड़ा: जी.आई.एस तथा रिमोट सेंसिंग की अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित आपदा प्रबंधन की पांच दिवसीय कार्यशाला का हुआ शुभारम्भ

एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, थाईलैंड तथा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फ़ॉर एनआरडीएमएस,उत्तराखंड, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के संयुक्त तत्वाधान में
आयोजित जी.आई.एस तथा रिमोट सेंसिंग की अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित आपदा प्रबंधन की पांच दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ आभासी रूप से आज दिनांक 18 जनवरी को सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ डी एस बिष्ट द्वारा किया गया ।

समस्त सम्मानित अतिथियों एवं विषय विशेषज्ञों का परिचय दिया गया

कार्यशाला के स्वायत्त सत्र के दौरान कुलसचिव डी एस बिष्ट द्वारा माननीय कुलपति एन एस भंडारी के व्यापक दृष्टिकोण के तहत विभिन्न विश्विद्यालयों एवं संस्थानों के साथ हुए समझौते पर प्रकाश डालने के साथ  – साथ समस्त सम्मानित अतिथियों एवं विषय विशेषज्ञों का परिचय दिया गया । कार्यक्रम के दौरान तकनीकी सलाहकार प्रो जे एस० रावत द्वारा कार्यक्रम के उद्देश्य स्वं रुपरेखा पर विस्तृत जानकारी प्रदान करने के साथ -साथ प्रशिक्षण कार्यशाला की आपदा प्रबंधन में आवश्यकता पर प्रकाश डाला  गया ।

प्रशिक्षण तकनीकियों विकसित सॉफ्टवेर का परिचय प्रदान किया गया

उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वरिष्ठ सलाहकार डॉ गिरीश जोशी ने पर्वतीय संरचना वाले राज्य उत्तराखंड की प्राकृतिक आपदाओं तथा उनके अत्याधुनिक प्रबंधन हेतु विकसित डेटाबेस तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम की आवश्यकता तथा उपादेयता पर विस्तृत जानकारी दी गयी ।
एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के निदेशक डॉ मंजुल कुमार हजारिका के तकनीकी सत्र के दौरान प्रशिक्षण तकनीकियों विकसित सॉफ्टवेर का परिचय प्रदान किया तथा उसके पश्चात जियोई -फार्मेटिक्स सेंटर थाईलैंड  के विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से वास्तविक समय पर इसके  अनुपयोगों की जानकारी प्रदान की गयी । यह भी अवगत कराया गया कि  इन्हीं तकनिकी विशेषज्ञों द्वारा अगले चार दिनों तक विधिवत प्रशिक्षण दिया जाएगा ।

इस प्रकार की गतिविधियां भविष्य में भी केंद्र द्वारा आयोजित की जाती रहेगी

एनआरडीएमएस निदेशक डॉ नंदन बिष्ट द्वारा अवगत कराया गया कि विगत डेढ़ दशक से केंद्र द्वारा विभिन्न प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त  आंकड़ों के परिगणन तथा विश्लेषण से प्राप्त सूचनाओं के व्यवहारिक उपयोग में केंद्र ने विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन किया है । तथा इस प्रकार की गतिविधियां भविष्य में भी केंद्र द्वारा आयोजित की जाती रहेगी ।

यह लोग रहे उपस्थित

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभाग करने वालों में मुख्य रूप से कार्यक्रम प्रबंधक एस के बिरला,इसके अतिरिक्त कार्यक्रम सचिव आपदा प्रबंधन विभाग उत्तराखंड डॉ आनंद श्रीवास्तव, डॉ रविंद्र नाथ पाठक, समस्त तकनिकी विशेषज्ञ तथा जी.आई.एस सहायक  उपस्थित रहे ।

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