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अल्मोड़ा: मोहन क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए वन विभाग अलर्ट, गठित की चार विशेष टीमें, ट्रैप कैमरें व ड्रोन भी तैनात

अल्मोड़ा: मोहन वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सभा डबरा सींराल, ग्राम सभा तड़म और काठ की नाव क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है।

वन विभाग सतर्क

जिस पर प्रभागीय वनाधिकारी रानीखेत के दिशा-निर्देश पर इस क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी के लिए चार विशेष टीमों का गठन किया गया है। यह टीमें लगातार क्षेत्र में कैंप कर रही हैं, पेट्रोलिंग (गश्त) बढ़ा दी गई है और स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार व जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।‌ वन विभाग की टीमों द्वारा क्षेत्र की सुरक्षा और निगरानी के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। इनमें मुख्य रूप से 04 एनइंडर (Ender) और 04 फ्लक्स लाइट का प्रयोग किया जा रहा है
सुरक्षा व्यवस्था के तहत राइफल और गॉर्भी बंदूक का इस्तेमाल किया जा रहा है। क्षेत्र में व्यापक निगरानी के लिए 15 ट्रैप कैमरे और 02 ड्रोन तैनात किए गए हैं। वन्यजीवों की सुरक्षित पकड़ के लिए क्षेत्र में कुल 04 पिंजरे भी लगाए जा चुके हैं। गठित गश्ती टीमों द्वारा लगातार पैदल और वाहन गश्त की जा रही है।

टीम शामिल

मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकथाम, निगरानी और जागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने के लिए कई वन प्रभागों और विशेष टीमों का संयुक्त सहयोग लिया जा रहा है। इस अभियान में रामनगर वन प्रभाग, कालागढ़ टाइगर रिजर्व, और अल्मोड़ा वन प्रभाग के अंतर्गत रानीखेत रेंज, चौखुटिया रेंज, द्वाराहाट रेंज तथा अल्मोड़ा रेंज की टीमें कैंप लगाकर कार्य कर रही हैं। इसके अलावा, वन्यजीवों के रेस्क्यू के लिए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की विशेषज्ञ टीम का भी विशेष सहयोग लिया जा रहा है।

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