October 19, 2021

अल्मोड़ा: पूर्व उपाध्यक्ष एन.आर.एच.एम. बिट्टू कर्नाटक ने जिलाधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री उत्तराखंड को प्रेषित किया ज्ञापन, कहा कोविड-19 कार्यों में लगे कर्मियों की मांगों पर तत्काल हो कार्यवाही।

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देश भर में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमण के मरीज सामने आ रहे हैं। इससे अस्पतालों में मरीजों की संख़्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। उत्तराखंड राज्य के अल्मोड़ा जिलें में भी स्थिति ऐसी बनी हुई है। वही पूर्व उपाध्यक्ष एन.आर.एच.एम. बिट्टू कर्नाटक ने कोरोना काल में कार्यरत मेडिकल कर्मचारियों के स्वास्थ्य बीमा, कार्य के सापेक्ष वेतनमान एवं स्थायी नियुक्ति अथवा विभागीय तौर पर संविदा में नियुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेक्षित किया है।

पूर्व उपाध्यक्ष एन.आर.एच.एम. बिट्टू कर्नाटक ने यह करी मांग-

पूर्व उपाध्यक्ष एन.आर.एच.एम. बिट्टू कर्नाटक ने  मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत उत्तराखण्ड को प्रेषित एक ज्ञापन में कहा है कि अल्मोडा जनपद में कोरोना काल के दौरान नर्सिग स्टाफ तथा टैक्नीशियन जैसे कर्मचारियों को आउटसोर्सिग/पी.आर.डी./उपनल के माध्यम से राजकीय मेडिकल कालेज अल्मोडा में नियुक्त किया गया। जिसमें कर्मचारियों द्वारा कोरोना महामारी के दौरान  दिन-रात कोविड लैब,कोविड वार्ड,वैक्सीनेशन कक्ष, सैम्पलिंग, एम्बुलेंशन आदि में निरन्तर कार्य किया जा रहा है। जिसमें वह अपनी जान जोखिम में डालकर दिन रात मानव सेवा में लगे हैं। जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री से कोरोना महामारी में लगे हुये नर्सिग स्टाफ तथा टैक्नीशियनों की मांगों पर तत्काल कार्यवाही किये जाने की मांग की है।

जिसमें इन मांगों पर तत्काल कार्यवाही की जाए-

(1) नर्सिग स्टाफ एवं टैक्नीशियनों को रू. 12900/-व रू.8000/-प्रति माह का मानदेय भुगतान किया जा रहा है जो जोखिम भरे कार्य के लिये बहुत कम है। ऐसे में नर्सिग स्टाफ, टैक्नीशियनों को न्यूनतम मानदेय रू. 30,000/- स्वीकृत कर भुगतान किया जाय ।
(2) कोविड-19 कार्य में लगे हुये नर्सिग स्टाफ,टैक्नीशियनों का कोई बीमा नहीं किया गया है । जिनका तत्काल बीमा कराया जाय ।
(3) नर्सिग स्टाफ व टैक्नीशियनों को मानदेय भुगतान विभागीय रूप से किया जाय क्योंकि संज्ञान में आया है कि आउटसोर्सिंग कम्पनी द्वारा अल्प मानदेय में भी कटौती की जा रही है ।
(4) नर्सिग स्टाफ तथा टैक्नीशियनों द्वारा किये जा रहे जोखिम पूर्ण कार्य के लिये इनकी स्थाई  अथवा विभागीय संविदा पर नियुक्ति की जाय ।