अल्मोड़ा: पहाड़ों की सांस्कृतिक राजधानी अल्मोड़ा में इन दिनों खान-पान के शौकीनों को भारी मायूसी का सामना करना पड़ रहा है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत के चलते शहर के अधिकांश रेस्टोरेंटों ने अपने मैन्यू में कटौती कर दी है। आलम यह है कि कई बड़े रेस्टोरेंटों में अब चाइनीज आइटम, चिकन और पनीर की डिशेज मिलनी बंद हो गई हैं।
रेस्टोरेंटों में ‘सीमित’ हुआ मैन्यू
जानकारी के अनुसार खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण गैस आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर अब स्थानीय बाजारों पर दिखने लगा है। अल्मोड़ा में कॉमर्शियल गैस की कमी ने होटल व्यवसाय को प्रभावित किया है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को पसंदीदा व्यंजनों से महरूम रहना पड़ रहा है। यदि आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो आगामी पर्यटन सीजन पर इसका गहरा असर पड़ सकता है। वहीं बैठक रेस्टोरेंट के संचालक राहुल कांडपाल ने बताया कि स्थिति इतनी गंभीर है कि उन्हें मजबूरन अपने मैन्यू से चाइनीज डिश पूरी तरह हटानी पड़ी हैं।वहीं, हिमाल कैफे के संचालक पुष्कर सिंह चौहान का कहना है कि गैस की कमी के कारण अब स्टाफ का भोजन बनाना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है, जिसके चलते चिकन और पनीर के कई व्यंजनों पर रोक लगा दी गई है।
घरेलू गैस के लिए लगी लंबी कतारें
एक तरफ जहां कॉमर्शियल गैस की कमी है, वहीं घरेलू गैस रिफिल के लिए रविवार को मालरोड स्थित शिखर तिराहे पर उपभोक्ताओं की लंबी भीड़ उमड़ रही है। लोग सुबह से ही अपने काम छोड़कर कतारों में खड़े नजर आ रहें हैं। हालांकि, चौघानपाटा गैस एजेंसी के प्रबंधक मुकेश जलाल ने राहत देते हुए कहा कि घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है। मैदानी क्षेत्रों से आए वाहनों के जरिए ‘स्पॉट डिलीवरी’ कर उपभोक्ताओं को सिलेंडर बांटे जा रहे हैं।
बुकिंग सुविधा से मिली थोड़ी राहत
स्थानीय स्तर पर बुकिंग की सुविधा आसान होने से जनता ने कुछ हद तक राहत की सांस ली है। उपभोक्ता अमित बिष्ट और नीलम जोशी ने बताया कि पहले बुकिंग एक बड़ी समस्या थी, लेकिन अब एजेंसी में ही बुकिंग और रिफिल की सुविधा मिलने से भाग-दौड़ कम हुई है।