अल्मोड़ा: जिले के अल्मोड़ा से एक जरूरी खबर सामने आई है। नवाचारी रवि टम्टा ने इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक आफ एंड लैंडिंग (इवीटीओएल) यानी उड़ने वाले वाहन के प्रोटोटाइप का सफल परीक्षण कर लिया है।
दी यह जानकारी
देश में इस तरह की बिजली से हवा में उड़ने वाली तकनीक का यह पहला सफल परीक्षण माना जा रहा है। हेमवती नंदन बहुगुणा खेल स्टेडियम में मीडिया से बातचीत करते हुए ‘हपिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड’ के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रवि टम्टा ने बताया कि हवा में उड़ने वाली इस कार और सामान्य उड़ने वाली कार में केवल इतना अंतर है कि यह सड़कों पर नहीं चल सकती। इसे पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
वाहन में पैराशूट की व्यवस्था की गई है। किसी भी खतरे की स्थिति में पायलट एक बटन दबाकर सुरक्षित लैंडिंग कर सकता है। पायलट सहित इस प्रोटोटाइप का कुल वजन दो क्विंटल है। इसमें पायलट के बैठने के लिए एक कॉकपिट और हवा में उड़ाने व संतुलन बनाए रखने के लिए चार प्रोपेलर लगाए गए हैं। पूरा यंत्र मजबूत कार्बन फाइबर से तैयार किया गया है। इसके अलावा इसमें मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी के लिए विशेष प्रोग्रामिंग भी की गई है। रवि टम्टा ने बताया कि इसे बनाने में लाखों रुपये खर्च हुए हैं और इस कार्य के लिए उन्हें सरकार से किसी प्रकार का अनुदान या वित्तीय सहायता नहीं मिली है।
पेटेंट के बाद साझा होगी पूरी तकनीक
सुरक्षा कारणों और पेटेंट (Patent) प्रक्रिया के चलते फिलहाल इसकी तकनीकी डिटेल्स सार्वजनिक नहीं की गई हैं। पेटेंट मिलने के बाद जनता के सामने इसका विस्तृत ब्योरा रखा जाएगा। जिस पर रवि टम्टा का लक्ष्य जल्द ही लगातार पांच घंटे तक उड़ान भरने वाला विद्युत चालित इवीटीओएल तैयार करना है। उनका कहना है कि इस आधुनिक तकनीक का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुलभ परिवहन उपलब्ध कराना है।