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अल्मोड़ा: केतन लाल हत्याकांड: अल्मोड़ा में फूटा आक्रोश, उपपा कार्यकर्ताओं ने किया धरना-प्रदर्शन, उठाई यह मांगें

अल्मोड़ा: टिहरी जिले के निवासी केतन लाल की हत्या के विरोध में अल्मोड़ा में भारी जन-आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस जघन्य हत्याकांड के दोषियों को सख्त सजा दिलाने और राज्य में दलितों, अल्पसंख्यकों व कमजोर वर्गों पर बढ़ते अत्याचारों के खिलाफ रविवार को उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) के कार्यकर्ताओं ने गांधी पार्क में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।

किया धरना प्रदर्शन

जिस पर कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। धरना स्थल पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि एक तरफ देश में ‘अमृतकाल’ का जश्न मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ दलितों, किसानों, मजदूरों और बेरोजगारों के लिए जमीनी परिस्थितियां लगातार चिंताजनक होती जा रही हैं। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में पिछले कुछ वर्षों में दलित उत्पीड़न के मामलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। जातीय भेदभाव और हिंसा की घटनाओं पर प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई न किए जाने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
​की मुआवजे की मांग

​गत 7 जून को टिहरी के लंबगांव में हुई केतन लाल की हत्या को एक क्रूर और जघन्य अपराध बताते हुए प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने प्रमुख मांगें रखीं। कहा कि केतन लाल हत्याकांड की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए। पीड़ित परिवार को आर्थिक संबल देने के लिए ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए। मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। इस हिंसक घटना में घायल हुए दूसरे युवक के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करे।

​रहे मौजूद

​इस विरोध प्रदर्शन में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय संयोजक पीसी तिवारी समेत मदन लाल, किरन आर्या, आनंदी वर्मा, मोहम्मद वसीम, दीप चंद्र, गोपाल राम, हेमा पांडे, नारायण राम, भारती पांडे, अनीता कनवाल, डॉ. रेनू, हीरा देवी, वंदना कोहली, मुहम्मद साकिब और ममता जोशी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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