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बागेश्वर- बारिश ने बरपाया क़हर, सड़कें बंद,क्षतिग्रस्त मकान में लोग रहने को मजबूर

बरसात का मौसम जहाँ देशभर के किसानों के लिए एक सौगात लेकर आता है और भीषण गर्मी की मार झेल रही आम जनता को राहत दिलाता है वहीँ उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के लिए यह आपदा और मुश्किलों का कारण भी बन जाता है।

बागेश्वर जिले में बारिश ने बरपाया क़हर

गुरुवार की रात हुई भारी बरसात से बागेश्वर जिले की पांच आंतरिक सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि तीन मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जिले के कपकोट, कांडा और काफलीगैर तहसील में बारिश का कहर जारी है। पीड़ित परिवार क्षतिग्रस्त हो चुके मकानों में रहने को मजबूर हैं।

क्षतिग्रस्त मकानों में रहने को मजबूर हैं लोग

बागेश्वर जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय ने जानकारी दी है कि बारिश से काफलीगैर तहसील के सकीड़ा निवासी मनोज कुमार पुत्र विशन लाल, सुंदरगांव निवासी सरस्वती देवी पत्नी विशन लाल व नाथ लाल पुत्र बची लाल का मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। परिवार के लोग इसी मकान में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों की सूचना के बाद राजस्व पुलिस की टीम ने गांव का मौका-मुआयना कर अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी है।

आपदा प्रबंधन विभाग ने जल्द ही बंद सड़कों को खोलने का दिया आश्वासन

जिले की पांच आंतरिक सड़कें, बागेश्वर- दफौट, सौंग-खलीधार, भानी- हरसिंग्याबगड़, कमेड़ीदेवी- झांक तथा कपकोट कर्मी मोटर मार्ग भी बंद हो चूका है। कई स्थानों पर सड़क में भूस्खलन हो रहा है और सड़कों पर भारी मात्रा में मलबा गिर गया है जिससे लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पढ़ रहा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने आश्वासन दिया है कि बंद मार्ग खोलने का कार्य प्रगति पर है और जल्द ही मार्ग यात्रियों के लिए खोल दिए जाएंगे।

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