Site icon Khabribox

अल्मोड़ा: अल्मोड़ा में 50 से अधिक नौले हुए लुप्त- विश्व जल दिवस विशेष

किसी जमाने में अल्मोड़ा में सौ से अधिक नौले हुआ करते थे, लेकिन अब इनकी संख्या घटकर महज 52 रह गई है। इसमें आधा दर्जन ही नौले ऐसे है, जो थोड़ा बहुत ठीक हालत में है। जो नौले बचे भी हैं, वह या तो देखरेख के अभाव में नष्ट हो रहे हैं, या अतिक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। यहां पचास से अधिक नौले लुप्त हो गए हैं, इस ओर किसी का ध्यान नहीं है।

आधुनिकीकरण के साथ ही घर-घर तक पहुंची पेयजल लाइनें:

अल्मोड़ा नगर की खासियत है कि यहां प्रत्येक मोहल्ले में नौले हैं। पूर्व में लोग इन्हीं नौलों का पानी उपयोग में लाते थे। आधुनिकीकरण के साथ ही लोगों के घर-घर तक पेयजल लाइनें पहुंच गई। नौलों पर निर्भरता कम होने से लोगों का इस ओर ध्यान कम हो गया। जनता के साथ ही सरकारी विभागों का रवैया भी इस ओर उदासीन ही रहा है। वरिष्ठ अधिवक्ता और लेखक प्रफुल्ल चंद्र पंत ने पूर्व में शोध के बाद नौले पर पर्वतीय जलस्रोत नाम की पुस्तक प्रकाशित की थी।

वर्तमान समय में महज 52 रह गई है नौलों की संख्या:

इसमें उन्होंने 1988 से 1993 तक किए शोध के बाद पाया नगर में 90 से अधिक प्राकृतिक जल स्रोत थे और अब महज 50 से कम रह गई है। वहीं देखरेख के अभाव में कई नौले सूख भी चुके है। ड्रेनेज की व्यवस्था नहीं होने से अधिकांश नौले प्रदूषित हो गए हैं। इनका पानी पीने योग्य नहीं है।

1950 में बनी कोसी पंपिंग योजना:

अल्मोड़ा नगर नौलों यानि प्राकृतिक जल स्रोतों का नगर रहा है। वर्ष 1950 में कोसी से बनी पंपिंग योजना से पहले नगर की अधिकांश जनता इन नौलों पर ही निर्भर रहती थीं। हालांकि, नगर में अंग्रेजों के शासन के रहते स्याही देवी आदि से नलों का जाल बिछाया जा चुका था। नगर के नौलों का उल्लेख कुमाऊं के इतिहास में है। इसमें 365 जल स्रोत बताए गए हैं।

खत्याड़ी में छह में से एक भी नौले में पानी पीने योग्य नहीं:

नगर क्षेत्र से लगी ग्राम पंचायत खत्याड़ी में करीब आधा दर्जन नौले हैं, लेकिन वर्तमान समय में इन नौलें में एक भी नौले से पानी पीने योग्य नहीं है। इसका मुख्य कारण नौले के आसपास गंदगी और संरक्षण का अभाव है। कुछ दशक पहले ग्रामीण इन नौले से पीने के लिए पानी ले जाते थे, लेकिन अब नौलों का पानी पशुओं और अन्य कार्य के लिए उपयोग में आता है। वहीं इन छह नौले में भी तीन नौले पूरी तरह सूख चुके हैं।

नगर के इन क्षेत्रों में हैं नौले:

नगर के में सिद्ध नौला पलटन बाजार, कर्नाटक खोला, नरसिंहबाड़ी, थपलिया, चंपानौला, सुनारीनौला, बाड़ीबगीचा, रानीधारा समेत नगर से लगे ग्राम पंचायत खत्याड़ी, सरसों, बरशिमी, लोधिया आदि ग्रामीण क्षेत्रों में नौले हैं।

Exit mobile version