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अल्मोड़ा: पर्वतीय जिलों में तीन हजार से ज्यादा लोग पशुक्षति मुआवजे से वंचित, 1 हजार 868 मामले अल्मोड़ा में लंबित

पशुक्षति के तहत मिलने वाली मुआवजा राशि का पिछले दो सालों से भुगतान नहीं हुआ है। वन विभाग के उत्तरी कुमाऊं सर्किल में तीन हजार से अधिक प्रकरण लंबित हैं। विभाग पर साढ़े छह करोड़ से अधिक की देनदारी है। लोग मुआवजा राशि के लिए संबंधित डिवीजन कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है।

पिछले दो साल से यहां हजारों पशुओं को गुलदार व अन्य जंगली जानवरों निवाला बना डाला

    वन विभाग के उत्तरी कुमाऊं सर्किल में अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ व चम्पावत जिले आते हैं। पिछले दो साल से यहां हजारों पशुओं को गुलदार व अन्य जंगली जानवरों निवाला बना डाला। पिछले दो साल से वन महकमे के पास पशुक्षति के 1868 मामले अल्मोड़ा जिले के लंबित है। इसके अलावा बागेश्वर में 579, पिथौरागढ़ में 1318 और चम्पावत में 189 मामले लंबित हैं। अब तक स्वामियों को मुआवजा राशि का पैसा नहीं मिल पाया। सभी मामलों में विभाग पर 6 करोड़ 14 लाख 99 हजार की देनदारी है।

जुलाई तक मुआजवा राशि मिलने की उम्मीद है

कुबेर सिंह बिष्ट, प्रभारी वन संरक्षक, उत्तरी कुमाऊं वृत्त उत्तराखंड का कहना है कि जुलाई तक मुआजवा राशि मिलने की उम्मीद है। जिसके बाद समिति की बैठक कर जल्द ही वितरण की प्रक्रिया शुरू  जाएगी।

मनुष्य क्षति में मिलने वाली मुआवजा राशि

क्षति-        चार लाख रुपये
पूर्ण अपंग- दो लाख रुपये
आंशिक अपंग- एक लाख रुपये
गंभीर घायल- 50 हजार रुपये
घायल साधारण- 15 हजार

पशुक्षति में मिलने वाली मुआवजा राशि

गाय-   15 हजार
घोड़ा खच्चर- 40 हजार
बैल-  15 हजार
भैंस- 15
बकरी- तीन हजार

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