Site icon Khabribox

अल्मोड़ा: पहाड़ी स्वाद, पारंपरिक बुनाई और तारों की छांव: अल्मोड़ा के ‘हिमाद्रि हैंडलूम’ की बदलेगी तस्वीर, बुनकरों की आजीविका को मिलेंगे नए पंख

​अल्मोड़ा: जिले में पारंपरिक हस्तशिल्प और बुनकरों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से दीनापानी स्थित ‘हिमाद्रि हैंडलूम’ केंद्र के पुनरुत्थान की बड़ी योजना तैयार की जा रही है।

किया औचक निरीक्षण

जिस पर जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने दीनापानी केंद्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस केंद्र को स्थानीय शिल्प, पहाड़ी खानपान और पर्यटन गतिविधियों का एक समन्वित केंद्र बनाया जाए।
​निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वहां कार्यरत बुनकरों से सीधे संवाद किया। उन्होंने बुनकरों के कार्य, पारिश्रमिक भुगतान की अद्यतन स्थिति और उनके समक्ष आ रही व्यावहारिक समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। साथ ही, उन्होंने केंद्र के सभी लेखा विवरणों और पत्रावलियों की भी गहन जांच की। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि दीनापानी केंद्र को एक दूरदर्शी सोच के साथ विकसित किया जाएगा। योजना के तहत यहां पहाड़ी व्यंजनों पर आधारित कैफे, एस्ट्रो-टूरिज्म (स्टार गेजिंग व खगोलीय अवलोकन), हथकरघा पर्यटन, मिट्टी के बर्तन बनाने की कला और चीड़ की पत्तियों (पिरुल) से हस्तशिल्प उत्पाद तैयार करने जैसी गतिविधियों को एक ही परिसर में विकसित किया जाएगा। इससे पर्यटकों को उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति, खानपान और शिल्प का जीवंत अनुभव मिलेगा, वहीं स्थानीय कारीगरों के लिए रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।

​अध्ययन भ्रमण और अंतरराष्ट्रीय मंच देने की तैयारी

उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग और बुनकरों को नए डिजाइनों से जोड़ने पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि कारीगरों को आधुनिक तकनीक और बाजार की मांग से अवगत कराने के लिए अन्य स्थानों के अध्ययन भ्रमण कराए जाएंगे। इसके साथ ही, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर की हथकरघा प्रदर्शनियों की जानकारी जुटाएं, ताकि अल्मोड़ा के पारंपरिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शित किया जा सके।
​
रहें उपस्थित

इस निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक शुभम तोमर समेत विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

Exit mobile version