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अल्मोड़ा: सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता समिति की हुई बैठक, लिए यह अहम निर्णय

अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। दिनांक 19 जुलाई 2023 (बुधवार) को समिति की जिला स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई जिसमें विक्रेताओं की समस्याओं पर गहन विचार-विमर्श करने के पश्चात् सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि विक्रेताओं की मांगों एवं समस्याओं से आपको अवगत कराया जाय कि विक्रेताओं की समस्याओं को दूर किया जा सके।

सर्वसम्मति से लिये गये निर्णय इस प्रकार है –

  1. विभाग द्वारा सभी विक्रेताओं से माह अप्रैल मई जून 2023 में वितरण किये गये ऑफलाइन की सूची मांगी जा रही है जो अनुचित है तथा विक्रेताओं का उत्पीड़न है। एक ओर तो शासन द्वारा निर्देश दिये जाते हैं कि कोई भी कार्डधारक खाद्यान्न से वंचित न रहे, दूसरी ओर खाद्यान्न बँटने के पश्चात् विक्रेताओं से उसकी सूची मांगी जा रही है। समिति शासन के इस दोहरी नीति का विरोध करती है तथा निर्णय लेती है कि कोई भी विक्रेता विभाग को इस सम्बन्ध में कोई सूची उपलब्ध नहीं करायेगा न ही यह सम्भव है।
  2. बार-बार अनुरोध व शासन के आश्वासन के बाद भी विक्रेताओं द्वारा वितरित किये गये प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना व राष्ट्रीय खाद्यान्न योजना के बिलों का भुगतान नहीं किया जा रहा है जिससे विक्रेताओं की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। अतः एक सप्ताह के भीतर विक्रेताओं के सभी दिलों का 100 प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित किया जाय।
  3. जनपद से आये प्रतिनिधियों द्वारा अवगत कराया गया है कि डोरस्टेप योजना में ठेकेदार द्वारा न तो पूरा खाद्यान्न दिया जा रहा है न ही दुकान तक पहुँचाया जा रहा है, जिससे विक्रेताओं को असुविधा के साथ आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। अतः डोर स्टेप योजना को तुरन्त समाप्त किया जाय।
  4. शासन द्वारा बार-बार आश्वासन दिया गया है कि विक्रेताओं को शीघ्र नेट खर्चा स्वीकृत किया जायेगा। लिखित एवं पत्राचार के पश्चात भी प्रगति शून्य है। शासन की इस उदासीनता से विक्रेता आहत है। अतः शीघ्र नेट खर्च स्वीकृत किया जाय अथवा भविष्य में आनलाईन खाद्यान्न वितरण सम्भव नहीं हो पायेगा।
  5. शासन द्वारा इस पर आश्वासन दिया गया था कि भविष्य में जब भी दाल का आवंटन होगा तो विक्रेताओं के लाभांश में अवश्य वृद्धि की जायेगी। लेकिन शासन द्वारा पुनः प्रति किलो 50 पैसे का लाभांश दिया जा रहा है।‌ इतने कम लाभांश का माल का वितरण सम्भव नहीं है। अतः दाल का लाभांश कम से कम 10 प्रतिशत किया जाय नहीं तो विक्रेता दाल का उठान नही कर पायेंगे।
  6. बार-बार अनुरोध व शासन द्वारा दिये गये आश्वासन पर कि विक्रेताओं को मानदेय दिये जाने पर विचार किया जा रहा है। कोई प्रगति नहीं है जिससे विक्रेता अपने को ठगा महसूस कर रहा है। अतः विक्रेताओं को शीघ्र मानदेय स्वीकृत किया जाय। जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आये प्रतिनिधियों द्वारा कड़ा रोष व्यक्त किया गया कि शासन विक्रेताओं के हितों की लगातार जानबूझकर उपेक्षा कर रहा है जिसे सहन करना अब सम्भव नहीं है। अतः खाद्यान्न वितरण बन्द कर देना चाहिए।

जल्द समाधान की मांग

साथ ही कहा कि विक्रेताओं की माँगों व समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाये नहीं तो विक्रेताओं के पास खाद्यान्न वितरण बन्द करने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहेगा।

यह लोग रहें मौजूद

इस मौके पर दिनेश जोशी, अभय साह, दिनेश गोयल, आदित्य साह, रवि चौहान, संदीप नंदा, केशर खन्नी, पान सिंह, पंकज आदि लोग मौजूद रहे।

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