अल्मोड़ा: उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य योगेश सिंह रजवार ने बाल संरक्षण से जुड़े मामलों को लेकर संबंधित विभागों को सख्त हिदायत दी है।
दिए यह निर्देश
जिस पर उन्होंने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार्य नहीं किया जाएगा। महिला कल्याण विभाग द्वारा राजकीय बाल गृह (किशोरी), बख में आयोजित बैठक के दौरान उन्होंने विभागीय कार्यप्रणाली की समीक्षा की और बाल गृह का निरीक्षण भी किया। जिसमें राजकीय इंटर कॉलेज पुभाऊ (लमगड़ा) में शिक्षिका द्वारा छात्रा के साथ कथित मारपीट के मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग सदस्य ने संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। शिक्षा विभाग को नोडल विभाग बनाते हुए निर्देश दिए गए कि अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से विद्यालयों में रोस्टर के अनुसार कार्यशालाएं आयोजित की जाएं। इनमें बाल अधिकार, बाल संरक्षण और नशे/ड्रग्स के दुष्प्रभावों के प्रति बच्चों को जागरूक किया जाएगा। बाल कल्याण समिति को पॉक्सो से जुड़े मामलों में बच्चों की अनिवार्य रूप से काउंसलिंग कराने और संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए गए।
राजकीय बाल गृह का निरीक्षण
बैठक के बाद योगेश सिंह रजवार ने राजकीय बाल गृह (किशोरी), बख का जायजा लिया। उन्होंने वहां निवासरत बालिकाओं से बातचीत कर उनके रहन-सहन, खान-पान और स्वच्छता व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। बालिकाओं ने व्यवस्थाओं पर संतोष जताया।
रहें उपस्थित
इस मौके पर जिला प्रोबेशन अधिकारी कल्पना मनराल, मुख्य शिक्षा अधिकारी सीएस बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी पीताम्बर प्रसाद, सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी कमल जोशी, महिला कोतवाली से जानकी भंडारी सहित बाल कल्याण समिति, चाइल्ड हेल्पलाइन, श्रम, परिवहन व समाज कल्याण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।