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अल्मोड़ा: हिट एंड रन के कड़े कानून का विरोध, चालकों के हड़ताल के चलते बस के पहिए जाम

अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार के नये कानून (हिट एंड रन) का विरोध किया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा लाये जा रहे हिट एंड रन के नए कानून को लेकर कई राज्यों में ट्रक ड्राइवरों और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स द्वारा चक्काजाम किया जा रहा है। जिस पर इस कड़े कानून का विरोध किया जा रहा है।

हिट एंड रन के मामले में चालक को 10 साल की सजा और 10 लाख रुपये जुर्माने का कानून लागू

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार द्वारा सड़क हादसों पर नियंत्रण करने के लिए ‘हिट एंड रन’ कानून में बदलाव किया जा रहा है। ड्राइवर इस कानून को लाने का विरोध कर रहे हैं। इसमें इंडियन पीनल कोड, 2023 में हुए संशोधन के बाद एक्सीडेंट होने पर ड्राइवर को 10 साल की सजा और 7 लाख के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। उत्तराखंड में भी इसका विरोध देखने को मिल रहा है। हिट एंड रन के मामले में चालक को 10 साल की सजा और 10 लाख रुपये जुर्माने का कानून लागू होते ही ऑल इंडिया चालक फेडरेशन से जुड़े उत्तराखंड परिवहन निगम के चालक इसके विरोध में उतर आए हैं। अल्मोड़ा जिले में भी नये सड़क दुर्घटना कानून के खिलाफ चालक परिचालकों ने मोर्चा खोल दिया है। अल्मोड़ा में नये कानून के विरोध में रोडवेज बस चालक और परिचालकों हड़ताल पर चले गये हैं। सोमवार को इस कारण अल्मोड़ा डिपो से 10 और रानीखेत डिपो से 14 बसों का संचालन प्रभावित रहा। केमू के चालकों ने भी नए कानून के विरोध में हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया था। अल्मोड़ा में केमू चालक हड़ताल पर नहीं गए, इससे बस का संचालन हुआ और यात्रियों को कुछ हद तक राहत मिली।

हड़ताल के चलते सभी रूटों में रोडवेज बसों का संचालन ठप

आज मंगलवार को भी हड़ताल के चलते सभी रूटों में रोडवेज बसों का संचालन ठप हो गया है। वाहन चालकों की हड़ताल से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लम्बी दूरी तय करने वाले यात्रियों को वाहनों के लिए यहां वहां भटकना पड़ रहा है। वही टैक्सी यूनियन अल्मोड़ा के महासचिव नीरज पवार ने केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कठोर कानून का विरोध करते हुए कल अल्मोड़ा की सभी टैक्सियों की हड़ताल की बात कही है।

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