Site icon Khabribox

अल्मोड़ा: हवालबाग ब्लॉक के चुनिंदा गांवों को “मशरूम ग्राम” के रूप में किया जाएगा विकसित

अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में एक नई पहल के रूप में “मशरूम स्वास्थ्य भी एवं स्वरोजगार भी” विषय पर चार दिवसीय मशरूम प्रशिक्षण एवं जागरूकता अभियान प्रारंभ हुआ।

महिलाओं को मशरूम की विभिन्न प्रजातियों के उत्पादन के गुर सिखाए जाएंगे

इसके अंतर्गत मोहन उप्रेती लोक संस्कृति कला एवं विज्ञान शोध समिति अल्मोड़ा द्वारा लमगड़ा ब्लॉक के ‌ढोरा ग्राम एवं हवालबाग ब्लॉक के चुनिंदा गांवों को “मशरूम ग्राम” के रूप में विकसित किया जाएगा। चार दिवसीय चलने वाले इस प्रशिक्षण में ग्राम की महिलाओं को मशरूम की विभिन्न प्रजातियों के उत्पादन के साथ-साथ मशरूम से संबंधित खाद्य प्रसंस्करण एवं मशरुम उत्पादन के मार्केटिंग गुर भी सिखाए जाएंगे। संस्था के सचिव कमल पांडे ने बताया की यूं तो मशरूम उत्पादन संबंधी प्रयास अल्मोड़ा एवं आसपास के जिलों में काफी वर्षों से किया जा रहा है परंतु कहीं ना कहीं उसके उत्पादन संबंधी तकनीकी ज्ञान एवं मार्केट की कमी के कारण किसान इसके लगातार उत्पादन से बचत आ रहा है।

चार दिवसीय चलने वाले इस प्रशिक्षण में दी जानकारी

सस्ता के अध्यक्ष हेमंत कुमार जोशी जी ने बताया कि चार दिवसीय चलने वाले इस प्रशिक्षण का समापन पांचवें दिन एक संगोष्ठी के रूप में किया जाएगा जिसमें मशरूम के क्षेत्र में काम वाले लोगों, प्रशिक्षण लेने वाले समूहों के साथ-साथ मशरूम विषय विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
मशरूम के क्षेत्र में की जा रही इस पहल को उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवम प्रौद्योगिकी परिषद देहरादून द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस प्रशिक्षण में तकनीकी सहायता बाबा एग्रोटेक से नमिता टम्टा जी द्वारा दी जा रही है, जो कि विगत 3 वर्षों से देश और विदेशों में मशरूम के प्रचार प्रसार पर काम कर रहे हैं।

यह लोग रहें उपस्थित

प्रशिक्षण के प्रथम दिन हवालबाग ब्लॉक से एनआरएलएम के ब्लॉक मिशन मैनेजर श्री रहमत हुसैन, शिवानी, रश्मि एवं सुभाष कुमार उपस्थित रहें।

Exit mobile version