अल्मोड़ा: महान नर्तक और कोरियोग्राफर गुरु उदय शंकर की कलात्मक विरासत से नई पीढ़ी को जोड़ने और स्थानीय युवाओं को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से अल्मोड़ा स्थित उदय शंकर नाट्य अकादमी में सात दिवसीय रंगमंच एवं फिल्म निर्माण कार्यशाला का आगाज हो गया है।
कार्यशाला का आयोजन
उत्तराखंड संस्कृति विभाग के अंतर्गत पं. गोविंद बल्लभ पंत राजकीय संग्रहालय द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य अल्मोड़ा में 1938 में स्थापित इस ऐतिहासिक अकादमी को महज एक धरोहर न रखकर इसे निरंतर कला-शिक्षण और सांस्कृतिक गतिविधियों के एक जीवंत केंद्र के रूप में सक्रिय करना है। इस कार्यशाला में कुल 40 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। सात दिनों तक उन्हें अभिनय, रंगमंच तकनीक, स्क्रिप्ट लेखन, दृश्य-रचना, कैमरा हैंडलिंग और डॉक्यूमेंट्री निर्माण की बारीकियां सिखाई जाएंगी। एनएसडी और रंगमंच जगत से जुड़े वरिष्ठ अभिनेता व दून विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर कैलाश कांडवाल, शुभम शर्मा और अभिनेता-निर्देशक अभिषेक डोभाल प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
20 सितंबर को होगा समापन
कार्यशाला का समापन 20 सितंबर को दोपहर 2 बजे एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ होगा। इसमें प्रतिभागी अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से सीखे गए हुनर का प्रदर्शन करेंगे। इस मौके पर गुरु उदय शंकर की पुत्रवधू और प्रख्यात कलाकार तनुश्री शंकर तथा कोलकाता से आए उनके दल की विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगे। भातखंडे संगीत महाविद्यालय, अल्मोड़ा के कलाकारों द्वारा शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियां होंगी।
रहें उपस्थित
उद्घाटन अवसर पर संग्रहालय की निदेशक जयन्ती खाती, हिमांशु धरमोरा, चंचल तिवारी, डॉ. सी.एस. चौहान, जनमेजय तिवारी सहित कई गणमान्य लोग और आयोजक मंडल के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मीता उपाध्याय ने किया।