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अल्मोड़ा: राज्य आंदोलनकारियों ने कहा आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप नहीं बना राज्य, रूकने की जगह लगातार बढ़ रहा पलायन

अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। अल्मोड़ा जिले के नगरखान में रविवार को राज्य आंदोलनकारियों ने उत्तराखंड स्थापना का रजत जयंती वर्ष सादगी के साथ मनाया।

लिया यह निर्णय

इस मौके पर उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप अब तक राज्य नहीं बन सका है। सरकार को नीतियों में बदलाव करने की जरूरत है। बैठक को संबोधित करते हुए राज्य आंदोलनकारियों ने कहा कि राज्य की नींव वहीं कमजोर पड़ गयी जब तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से राज्य निर्माण विधेयक में जो 29 संशोधन कर दिये और केंद्र सरकार ने वहीं आधा अधूरा विधेयक पारित कर राज्य बना दिया। कहा कि बारी-बारी से सत्ता पर आई सरकारों ने राज्य हित में पहाड़ की स्थितियों के अनुरूप नीतियां बनाने के स्थान पर उन्हीं नीतियों का जारी रखा जो पूर्व से चल रही थी। कहा कि आज पलायन रूकने के स्थान पर बढ़ गया है। विकास के नाम पर कुछ सड़को के निर्माण के अलावा कहीं कुछ दिखाई नहीं देता। राज्य आंदोलनकारियों ने इस अवसर पर कहा कि राज्य व केंद्र सरकार इस रजत जयंती वर्ष में उत्तराखंड की दिशा दशा बदलने हेतु नीतियों में बदलाव करने का संकल्प लेती है तो ही विकास संभव है अन्यथा दिन प्रतिदिन हालात और खराब होंगे। वहीं राज्य आंदोलनकारियों ने क्षेत्र की पानी, सड़क, विद्यालयों, अस्पतालों की समस्याओं पर चर्चा की समस्याओं के समाधान के लिए पृथक से ज्ञापन शासन प्रशासन को भेजने और आंदोलनात्मक कदम उठाने का भी निर्णय लिया है।

रहें मौजूद

इस मौके पर ब्रह्मानंद डालाकोटी, दौलत सिंह बगड्वाल, गोपाल सिंह बनौला, पूरन सिंह, शंकर दत्त, कैलाश राम, मदन राम, गोविंद राम, ताराराम, दिवान सिंह, कुंदन सिंह बसंत बल्लभ जोशी आदि मौजूद रहे।

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