October 26, 2021

अल्मोड़ा: अल्मोड़ा जिले के लमगड़ा निवासी युवक का बुरी अवस्था में मिला शव, पुलिस ने जताई हत्या की आशंका, कहा होगी बारिकी से जांच।

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रामगढ़ ब्लॉक के ग्राम दनकन्या के पास जंगल में फेंका मिला शव-

अल्मोड़ा जिले के लमगड़ा निवासी युवक का शव की रामगढ़ ब्लॉक के ग्राम दनकन्या के पास जंगल में फेंका मिला। युवक की हत्या कर शव को जंगल में फेंका गया था।

मौके पर पहुँची पुलिस, जताई हत्या की आशंका-

पुलिस के अनुसार सोमवार सुबह जंगल गईं ग्रामीण महिलाओं को दनकन्या के पास सड़क से पांच मीटर दूरी पर एक सड़ा-गला शव दिखा। ग्राम प्रधान सरस्वती देवी ने थाना मुक्तेश्वर को अज्ञात शव मिलने की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर अन्य थानों में संपर्क किया। वही पुलिस ने मृतक की हत्या करने की आशंका जताई है।

काफी बुरी अवस्था में मिला जंगल में फेंका शव-

जंगल में फेकें गए शव की हालत बहुत खराब थी। शव में कोई कपड़ा नही था। वही चेहरा कुचला गया था। शव की शिनाख्त अल्मोड़ा जिले के लमगड़ा ब्लॉक के चौमू कलसीमा गांव निवासी के तौर पर परिजनों ने की है। मुक्तेश्वर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया है। मामले की छानबीन की जा रही है।

लमगड़ा थाने में दर्ज थी मृतक की गुमशुदगी-

लमगड़ा थाने में एक युवक की गुमशुदगी दर्ज है। लमगड़ा पुलिस ने युवक के परिजनों को रामगढ़ में शव मिलने की सूचना दी। परिजन घटना स्थल पहुंचे और उन्होंने शव की शिनाख्त गिरीश लाल (36) पुत्र पनीराम निवासी कलसीमा लमगड़ा के रूप में की।

मृतक गिरिश गवाही के लिए घर से निकला था बाहर-

परिजनों ने बताया कि गिरीश लाल आठ अप्रैल को घर से कोर्ट में किसी मामले में गवाही के लिए निकला था। तब से वह वापस घर नहीं आया था। जिसके बाद कई जगह उसकी तलाश की गई, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं लगा। जिसके बाद परिजनों ने राजस्व पुलिस में 19 अप्रैल को थाना लमगड़ा में इसकी गुमशुदगी दर्ज कराई।

15 दिन पुराना था शव-

एसओ कुलदीप सिंह ने बताया कि शव करीब 15 दिन पुराना है। जिसकी हालत बहुत खराब थी। वही शव पर कोई कपड़ा नहीं मिला। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का लग रहा है। शव मिलने से ग्रामीणों में दहशत है। मामले की जांच की जा रही है। इस छानबीन में एसआई जितेंद्र, मो. असलम और विजेंद्र सिंह भी रहे।

युवक की मौत पर परिजनों और ग्रामीणों ने उठाए सवाल –

लमगड़ा ब्लॉक के ग्राम कलसीमा निवासी गिरीश लाल की संदिग्ध अवस्था में मौत मामले में परिजनों और ग्रामीणों ने सवाल उठाये है। परिजनों ने बताया कि गिरिश का दो साल पूर्व में एक मारपीट मामले में आठ अप्रैल को कोर्ट के गवाही देने नैनीताल गया था। वह जिन लोगों के साथ नैनीताल गए थे रास्ते में उन लोगों का मृतक के साथ झगड़ा हुआ था। तब से गिरीश वापस घर नहीं लौटा। मृतक के भतीजे कृष्णा कुमार ने बताया कि उनके चाचा गांव में बालबर का कार्य करते थे।