October 26, 2021

अल्मोड़ा: जिलाधिकारी ने मानसून के दृष्टिगत विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक, दिए अहम निर्देश।

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उत्तराखंड में बदलते मानसून का दौर जारी है। जिससे प्राकृतिक आपदाओ से होने वाले नुकसान का भी डर बना रह रहा है। इसी संबंध में आज जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में कलैक्ट्रट में मानसून के दृष्टिगत विभिन्न विभागों द्वारा की जाने वाली पूर्व तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में संबंधित अधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से महत्वपूर्ण बैठक की।

जिलाधिकारी ने आपदा से जुडे विभागों को दिए निर्देश-

जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने आपदा से जुडे विभागों को निर्देश दियें कि आपदा के दृष्टिगत सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी प्रकार की घटना घटित होने पर कम समय में राहत एवं बचाव कार्य किया जाय। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार का विलंब न हो, इस चीज का विशेष ध्यान दिया जाय।

सभी तहसील मुख्यालयों में संचालित आपदा कंट्रोल रूम पर रखी जाए पैनी नजर-

जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दियें कि सभी तहसील मुख्यालयों में संचालित आपदा कंट्रोल रूम पर पैनी नजर रखी जाय, इसमे वायरलैस सेट सहित अन्य सभी आवश्यक उपकरण दूरस्थ रखा जाय व उपकरण संचालन हेतु कार्मिकों को उचित प्रशिक्षण दिया जाय, ताकि आपदा की घटना होने पर त्वरित गति से राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके। उन्होंने कहा कि जनपद के किसी भी क्षेत्र घटित होने वाली घटना की सूचना कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराया जाय। वही घटना का पूरा विवरण अंकित किया जाय और उसी के आधार पर क्षतिग्रस्त कार्यो/योजनाओं की कार्ययोजना हेतु प्रस्ताव तैयार कर प्रेषित करने के निर्देश दियें।

सभी सड़कों के नालियों एवं कलमठों की सफाई हो-

जिलाधिकारी ने लोनिवि और एनएच के सभी अधिकारियों को 1 जून से पहले सभी सड़कों के नालियों एवं कलमठों की सफाई अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही उन्होने कहा कि जिन क्षेत्रों में भू-स्खलन के कारण अधिकांश सड़क मार्ग बाधित होते है ऐसे सड़को को चिन्हित करते हुए उनमें पर्याप्त मात्रा में जेसीबी तैनात करते हुए इसके चालको के मोबाईल नंबर जिला आपदा कार्यालय को उपलब्ध कराये जाए और अवरूद्ध मोटर मार्ग को तत्काल यातायात के लिए सुचारू किया जाय। वही ऐसे भू-स्खलन वाले स्थनों पर चेतावनी बोर्ड भी लगाने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि आपदा के दृष्टिगत बनाये जाने वाले हैलीपैड को भी चिन्हित किया जाय।

क्षतिग्रस्त पेयजल लाईनों को जल्द करें ठीक-

जिलाधिकारी ने जल संस्थान एवं पेयजल निगम को निर्देशित करते हुए कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि क्षतिग्रस्त पेयजल लाईनों को तत्परता के साथ ठीक किया जाय। जनपद में स्थित पेयजल टेंकों की नियमित रूप से सफाई की जाय, जिस पर सफाई किये जाने की तिथि का स्पष्ट रूप से अंकन हो। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में आपदा के कारण पेयजल लाईने क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, ऐसे क्षेत्रों में टैंकरों एवं अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं के साथ पेयजल आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित की जाय। उन्होंने जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में खाद्यान्न की पर्याप्त उपलब्धता बनाये रखने हेतु जिला पूर्ति अधिकारी को आपदा के दृष्टिगत संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त खाद्यान्न सामग्री की उपलब्धता बनाये रखने को कहा, तथा यह सुनिश्चित किया जाय कि जिन क्षेत्रों में सड़क मार्ग अवरूद्ध हो उन क्षेत्रों में स्थानीय दुकानदारों के माध्यम से क्षेत्र में खाद्यान्न की आपूर्ति का उचित प्रबंधन किया जाय तथा डीजल व पेट्रोल की निरंतर उपलब्धता बनाये रखने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दियें कि अत्यधिक वर्षा के कारण नदी का जल स्तर बढने पर नदी किनारे रह रहें लोंगो को तत्काल अलर्ट किया जाय, इसके लिए उन्हें पूर्व में ही सचेत किया जाय।

विद्युत तारों को तत्काल किया जाए ठीक-

जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को भी निर्देश दियें कि विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर तत्काल विद्युत आपूर्ति बहाल की जाय, तथा पर्याप्त मात्रा में टांसफार्मर सहित अन्य उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही झूल रहें विद्युत तारों को तत्काल ठीक करने तथा विद्युत लाईनों के लिए खतरा बने हुए पेडों की लॉपिंग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्वास्थ विभाग एवं पशुपालन विभाग को आवश्यक दवा के साथ आपदाग्रस्त क्षेत्रों में त्वरित गति से स्वास्थ सुविधा उपलब्ध करायी जाय, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में दवा का स्टॉक रखने के निर्देश दियें।

आमजनता की सुरक्षा का रखे ध्यान-

जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दियें कि गांव एवं शहरी क्षेत्रों में जो पेड़ सुरक्षा की दृष्टि से आमजनता के लिए खतरा बने हुए है, ऐसे पेड़ों को चिन्हित करते हुए इसकी सूची वन विभाग को उपलब्ध करायी जाय, ताकि ऐसे पेड़ों को तत्काल काटने की कार्रवाई वन विभाग द्वारा की जा सके, इस संबंध में उन्होंने सभी ग्राम प्रधानों से भी सूचना उपलब्ध कराने को कहा।

अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश-

जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि वर्तमान में कोविड-19 संक्रमण व आपदा के दौरान कोई भी अधिकारी अपने मोबाईल फोन को बंद नहीं रखेंगे एवं कोई भी अधिकारी बिना अनुमति के अवकाश पर नहीं रहेंगे, और कहा कि यदि किसी अधिकारी द्वारा अपने कार्य में लापरवाही बरती जाती है तो उनके विरूद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई अमल में लायी जायेगी।

इस बैठक में वर्चुअल माध्यम से यह लोग रहे उपस्थित-

इस बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट, मुख्य विकास अधिकारी नवनीत पाण्डे, अपर जिलाधिकारी बी0एल0 फिरमाल, मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ सविता हयांकि, आपदा प्रबन्धन अधिकारी राकेश जोशी के अलावा आईआरएस से सम्बन्धित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहें।