जून में पहाड़ तपने लगे है। हर दिन तपिश बढ़ रही है। हालात यह हैं कि बीते साल के औसत तापमान की अपेक्षा जून के पहले हफ्ते में ही न्यूनतम पारा सात डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया है। जिससे लोगों को उमस का सामना करना पड़ रहा है।
आग से धधक रहे जंगल, बढ़ रहा तापमान
जून में पहले दिन से ही तेज धूप खिल रहीं है। जंगल आग से धधक रहे है। ऐसे में हर दिन तापमान बढ़ रहा है। जिससे लोगों को दिन और रात में भी उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया है। स्थिति यह है कि बीते साल 2021 में जून में जहां न्यूनतम औसत तापमान 14.7 डिग्री था, वहीं जून के पहले पखवाड़े में ही तापमान सात डिग्री बढ़कर 21.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। जबकि अधिकतम तापमान में भी तीन डिग्री का उछाल आया है। बीते साल जहां जून में औसत तापमान 30.3 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं इस बार तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। पहाड़ों में बढ़ती गर्मी से लोग भी हैरत में है।
पर्यटक गर्मी से राहत को पहुंचे पहाड़
गर्मी के सीजन में पर्यटक पहाड़ों में ठंडी हवाओं को आनंद लेने पहुंचते हैं। लेकिन ऐसे में अब पहाड़ भी तपने लगे हैं। जिले के पर्यटक स्थल और ठंड इलाके बिनसर में भी पारा 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
जल स्रोतों पर भी पड़ रहा असर
बढ़ती तपिश का सीधा असर जल स्रोतों पर पड़ रहा है। जिससे अधिकांश जल स्रोतों में पानी कम हो गया है। नगर को पेयजल आपूर्ति बहाल करने वाली एकमात्र कोसी नदी का जल स्तर भी घट गया है।
ये है तापमान की स्थिति
माह अधिकतम न्यूनतम
मई 2021 29.6 11.6
मई 2022 32.3 12.3
जून 2021 30.3 14.4
जून 2022 33.3 21.7
बढ़ती गर्मी से फसलों को भी नुकसान पहुंचने की संभावना
डॉ. जेके बिष्ट, वरिष्ठ वैज्ञानिक वीपीकेएएस का कहना है कि जंगलों में धधकती आग और बारिश नहीं होने के चलते भी तापमान बढ़ रहा है। तापमान बढ़ने का कारण ग्लोबल वार्मिंग भी है। बढ़ती गर्मी से फसलों को भी नुकसान पहुंचने की संभावना है।