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अल्मोड़ा: श्री नंदादेवी रामलीला के छठे दिन छाया सूर्पनखा और त्रिसरा वध का रोमांच, जटायु उद्धार के मंचन ने दर्शकों को किया भावविभोर, गूंजे जयकारे

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अल्मोड़ा: सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा की सबसे प्राचीन एवं ऐतिहासिक श्री नंदादेवी रामलीला के षष्ठम दिवस पर दर्शकों की खचाखच भीड़ के बीच रोमांचक और भावुक प्रसंगों का मंचन किया गया।

रामलीला मंचन

रामलीला स्थल पर सूर्पनखा के संवाद, त्रिसरा के वीभत्स रूप और सीता हरण जैसे महत्वपूर्ण दृश्यों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। छठे दिन की रामलीला का मुख्य आकर्षण सूर्पनखा प्रसंग और त्रिसरा वध रहा। मंच पर जब सूर्पनखा ने “तुम सम पुरुष न मो सम नारी, यही संयोग विधि रचा विचारी…” संवाद के साथ भगवान श्रीराम को रिझाने का प्रयास किया, तो दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। इसके बाद सूर्पनखा नासिका छेदन, त्रिसरा का भयानक रूप (जिसे देख दर्शकों में चीख-पुकार मच गई), त्रिसरा वध, खर-दूषण वध, रावण-मारीच संवाद, सीता हरण और जटायु उद्धार की प्रभावशाली प्रस्तुतियां दी गईं। कलाकारों के सजीव अभिनय ने पूरी रामलीला को जीवंत कर दिया।

​रहें मुख्य अतिथि

रामलीला का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक मनोज तिवारी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र भोज, पूर्व ब्लॉक प्रमुख पीताम्बर पांडे, पूर्व राज्य मंत्री पूरन बिष्ट, दीवान सतवाल और डॉ. संतोष बिष्ट ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मंच संचालन का दायित्व कमेटी के सचिव एवं पार्षद अर्जुन सिंह बिष्ट ने निभाया।
​मुख्य अतिथि विधायक मनोज तिवारी ने राम भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान राम ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ हैं। रामलीला हमें माता-पिता की आज्ञा का पालन, वचन की मर्यादा और सभी के प्रति करुणा रखना सिखाती है। भरत का त्याग और लक्ष्मण की सेवा भावना हमें आदर्श जीवन का पाठ पढ़ाती है।

​पात्रों के शानदार अभिनय और संगीत ने बांधा समां

लीला में त्रिसरा का जीवंत अभिनय परितोष जोशी ने किया, जबकि सूर्पनखा की भूमिका में सुनील तिवारी ‘सैम’ और दिव्यांशु जोशी ने अपने सुंदर अभिनय और नृत्य से दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी। राम की भूमिका द्रोण नेगी, लक्ष्मण- अविरल जोशी, सीता- किरन परगाई, रावण- हरि विनोद साह, मारीच- हर्षु जोशी और खर-दूषण की भूमिका कुलदीप सिंह मेर व सुमित साह ने निभाई। हारमोनियम पर राजन नयाल, तबले पर शेखर सिजवाली व अरशद अंसारी, मजीरे पर अर्जुन बिष्ट और सूर्पनखा गायन पुष्पा रौतेला ने किया।
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रहा योगदान

मंच सज्जा अतुल वर्मा, महेंद्र बिष्ट, संदीप साह आदि ने पंचवटी और खर-दूषण दरबार के सेट से चार चांद लगाए। निर्देशन गणेश मेर ने किया, जबकि मेकअप दानिश और राजू शर्मा ने संभाला। इस अवसर पर नंदादेवी मंदिर कमेटी के अध्यक्ष मनोज वर्मा, उपाध्यक्ष तारा चंद्र जोशी, संयोजक प्रकाश पांडे, वरिष्ठ पत्रकार अनिल सनवाल, अमरनाथ सिंह नेगी सहित बड़ी संख्या में राम भक्त उपस्थित रहे।

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