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अल्मोड़ा: एक गांव ऐसा भी, जहां हर बार चुना जाता है निर्विरोध प्रधान, वर्तमान त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भी कायम है परंपरा

अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है।‌ अल्मोड़ा जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां चल रही है। इसी बीच एक खबर सामने आई है।

पंचायत चुनाव

अल्मोड़ा जिले का विकासखंड लमगड़ा का एक ऐसा गांव है, जहां ग्राम सभाओं के गठन के बाद अब तक प्रधान पद पर चुनाव नहीं हुआ है। यह गांव है नैनी जिफल्टा। हर साल यहां सर्वसम्मति से ही ग्रामीण ग्राम प्रधान चुनते आ रहे है। वर्तमान त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भी यह परंपरा जारी हैं।

ग्रामीणों की होती है बैठक

देश में ग्राम सभाओं की प्रक्रिया शुरु हुए साढ़े छह दशक से अधिक समय बीत गया है। 1992 में 73 वें संविधान संशोधन अधिनियम के तहत पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा मिला है। गठन से अब तक लमगड़ा ब्लॉक की नैनी जिफल्टा ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान पद के लिए चुनाव नहीं हुआ है। यहां ग्राम पंचायत की चुनाव प्रक्रिया शुरू होते ही ग्रामीणों की बैठक होती है। बैठक में सर्वसम्मति से एक ग्रामीण का प्रधान पद के लिए चयन किया जाता है। इसके बाद कोई भी अन्य व्यक्ति प्रधान पद पर चुनाव के लिए नामांकन नहीं करता है। चुनावी प्रक्रिया के तहत प्रधान पद के लिए एकमात्र नामांकन मदन सिंह की ओर से भरा गया हैं। जांच में नामांकन सही पाए जाने पर उनका निर्विरोध प्रधान चुना जाना तय है।

मदन सिंह के नाम पर मुहर

📌📌नैनी जिफल्टा में सबसे पहले शेर सिंह को इस गांव का निर्विरोध प्रधान चुना गया।
📌📌उसके बाद मदन सिंह प्रधान बने और लगातार चार कार्यकाल में उन्होंने ग्राम प्रधान का दायित्व निर्वहन किया।
📌📌इसके बाद लक्ष्मण सिंह, दीवान सिंह, खड़क सिंह, राम सिंह, दीपा देवी निर्विरोध प्रधान चुनीं गई।
📌📌2019 में मदन सिंह को प्रधान चुना गया था। इस बार भी ग्रामीणों ने बैठक कर मदन सिंह के नाम पर मुहर लगाई है।

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