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अल्मोड़ा: फर्जी UTET प्रमाणपत्र पर नौकरी पाने वाले तीन शिक्षक हुए बर्खास्त, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, जांच शुरू

​अल्मोड़ा: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में फर्जी यूटीईटी (UTET) प्रमाणपत्र के आधार पर प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक की सरकारी नौकरी हासिल करने वाले तीन शिक्षकों पर कार्यवाही होगी।

शुरू की जांच 

जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग की तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। विभागीय जांच में प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने तीनों शिक्षकों को पहले ही सेवा से बर्खास्त कर दिया था। तीनों अभियुक्त भैंसियाछाना विकासखंड के अलग-अलग राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में तैनात थे।

​2025 की भर्ती प्रक्रिया से मिली थी नियुक्ति

जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) अल्मोड़ा कार्यालय द्वारा 7 नवंबर 2025 को सहायक अध्यापक के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद 27 जनवरी को भूपेंद्र कुमार (निवासी: खड़की, पिथौरागढ़) – राजकीय प्राथमिक विद्यालय कुनखेत नवीन, अंजना ग्वासीकोटी (निवासी: तल्ला पानी, पिथौरागढ़) – राजकीय प्राथमिक विद्यालय बोड़ा, प्रियांशु चंद्र (निवासी: दमुवाढूंगा, हलद्वानी) – राजकीय प्राथमिक विद्यालय बूढ़ाधौर को नियुक्ति मिली थी। नियुक्ति के बाद शिक्षा विभाग द्वारा जब अभ्यर्थियों के शैक्षणिक व पात्रता दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया, तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की जांच में सामने आया कि तीनों के UTET-I (2024) के प्रमाणपत्रों में दर्ज रोल नंबर परिषद द्वारा जारी ही नहीं किए गए थे। परिषद की मूल सारणीयन पंजिका में तीनों में से किसी का नाम दर्ज नहीं था। प्रमाणपत्रों पर लगे QR कोड भी पूरी तरह से फर्जी और कूटरचित पाए गए। विभागीय जांच समिति द्वारा फर्जी दस्तावेजों की पुष्टि किए जाने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) ने 28 सितंबर को तीनों शिक्षकों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त (बर्खास्‍त) कर दी थीं। इसके साथ ही मामले की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस में तहरीर सौंपी गई थी।

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