October 16, 2021

अल्मोड़ा: मजदूर दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनिताल के आदेश पर किया गया वेबिनार का आयोजन, आखिर क्यों मनाया जाता है? मजदूर दिवस, पर की गयी चर्चा…

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1 मई मजदूर दिवस क्यों मनाया जाता है, पर की गईं चर्चा ..

अल्मोड़ा, माननीय राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देश पर शनिवार को मजदूर दिवस के मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से वेबीनार का आयोजन किया गया। इसमें मजदूरों के अधिकार, इसका वह कैसे प्रयोग करें आदि पर चर्चा किया गया। इस  दौरान श्रम अधिकारी ने मजदूरों के सवालों के भी जवाब दिये। 

1886 को अमेरिका से की गयी थी इसकी शुरुवात..

सहायक श्रम आयुक्त उमेश चन्द्र रॉय ने बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस की शुरुआत एक मई 1886 को अमेरिका में एक आंदोलन से हुई थी। इस आंदोलन के दौरान अमेरिका में मजदूर काम करने के लिए 8 घंटे का समय निर्धारित किए जाने को लेकर आंदोलन पर चले गए थे। 1 मई, 1886 के दिन मजदूर लोग रोजाना 15-15 घंटे काम कराए जाने और शोषण के खिलाफ पूरे अमेरिका में सड़कों पर उतर आए थे।

1 मई को जाना जाता है अंतराष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में…80 देशों में राष्ट्रीय अवकाश के रूप में मनाया जाता है ।

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस को आज मई दिवस के नाम से जाना जाता है। इसकी शुरुआत 1886 में शिकागो में उस समय शुरू हुई थी, जब मजदूर मांग कर रहे थे कि काम की अवधि आठ घंटे हो और सप्ताह में एक दिन की छुट्टी हो। हड़ताल के दौरान एक व्यक्ति ने बम फोड़ दिया और प्रदर्शनस्थल पर अफरातफरी मच गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मजदूरों पर गोलियां चलाई। गोलीबारी में कुछ मजदूरों की मौत हो गई, साथ ही कुछ पुलिस अफसर भी मारे गए। इस मामले में एक ट्रायल चला, जांच के अंत में चार अराजकतावादियों को सरेआम फांसी दे दी गई। घटना, दुनिया भर के लोगों को क्रोधित करने का कारण बनी। बाद के वर्षों में, हेमार्केट शहीदों की स्मृति को विभिन्न मई दिवस नौकरी संबंधी कार्रवाई और प्रदर्शनों के साथ याद किया गया। इसके बाद 1889 में पेरिस में अंतरराष्ट्रीय महासभा की द्वितीय बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया कि 1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाए, तब से ही दुनिया के 80 देशों में मई दिवस को राष्ट्रीय अवकाश के रूप में मनाया जाने लगा। 

मजदूर कानून संरक्षण के तहत कोई भी नियोक्ता या ठेकेदार,फैक्टरी,कारखाना मालिक उनका शेाषण नहीं कर सकता।

सहायक श्रम आयुक्त उमेश चन्द्र रॉय ने बताया  कि हमारे संविधान में मजदूर को सम्मानजनक काम और मजदूरी देने के साथ साथ कानून ने संरक्षण दिया है। काम का अधिकार और पूरी मजदूरी देने का प्रावधान कर शोषण से बचाने के लिए अलग से ही श्रम विधि का गठन कर शोषणकर्ता को दंड का प्रावधान भी किया गया है। अब कोई भी नियोक्ता या ठेकेदार,फैक्टरी,कारखाना मालिक उनका शेाषण नहीं कर सकता।

2015 में बनाई गयी योजनाओ पर की गयी चर्चा..

इस दौरान सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिविल जज सीनियर डीविजन रवि शंकर मिश्रा द्वारा माननीय नालसा की असंगठित मजदूरों के सम्बंध में 2015 में बनाई गयी योजना पर चर्चा की गयी ।

वेबिनार में शामिल थे इतने लोग ..

इस मौके पर पैनल अधिवक्ता मनोज सिंह बृजवाल, इमरोज खान, पैरालीगल वालिटियर्स, रिटनेर लायर गजेन्द्र मेहता आदि मौजूद रहे।