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अल्मोड़ा: राजकीय महाविद्यालय लमगड़ा में तनाव प्रबंधन पर आयोजित हुई कार्यशाला, तनाव के कारण, लक्षण व व्यायाम पर दी जानकारी

अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। अल्मोड़ा जिले के राजकीय महाविद्यालय लमगड़ा, अल्मोड़ा में दिनांक 9 सितम्बर 2024 को शिक्षा शास्त्र विभाग की ओर से एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।

तनाव प्रबंधन ‌पर कार्यशाला

इस गोष्ठी का प्रमुख विषय तनाव प्रबंधन ‌रहा। इस कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों का स्वागत कर किया गया। कार्यक्रम के संयोजक हेमन्त कुमार बिनवाल, असिस्टेंट प्रोफेसर द्वारा कार्यशाला की रूपरेखा रखी गई। हेमन्त कुमार बिनवाल ने तनाव प्रबंधन पर व्याख्यान दिया। कहा तनाव (Stress) आज की भागदौड़ भरी जिंदगी का एक सामान्य हिस्सा बन गया है, लेकिन अगर इसका सही तरीके से प्रबंधन न किया जाए तो यह मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

तनाव के कारण अलग-अलग हो सकते हैं, और ये हर व्यक्ति के जीवन में भिन्न होते हैं।

व्यक्तिगत जीवन की समस्याएँ: परिवारिक समस्याएँ, रिश्तों में तनाव, अकेलापन, बच्चों की चिंता, पेशेवर जीवन की समस्याएँ: नौकरी का दबाव, समय सीमा, सहकर्मियों के साथ मतभेद, स्वास्थ्य संबंधी चिंताएँ: शारीरिक रोग, मानसिक स्वास्थ्य समस्याएँ,जीवनशैली संबंधी कारण: खराब खानपान, पर्याप्त नींद न मिलना, शारीरिक गतिविधि की कमी।

तनाव के लक्षण

बताया गया कि  तनाव के लक्षण मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक हो सकते हैं: मानसिक लक्षण: चिंता, चिड़चिड़ापन, निर्णय लेने में कठिनाई, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, शारीरिक लक्षण: सिरदर्द, थकान, नींद न आना, हृदय गति का बढ़ना, भावनात्मक लक्षण: अवसाद, निराशा, डर, असहाय महसूस करना।

तनाव प्रबंधन के विभिन्न तरीकों पर भी चर्चा

तनाव प्रबंधन के तरीके कई हैं, जैसे ध्यान और योग का अभ्यास करना, नियमित शारीरिक गतिविधियाँ करना, समय का सही प्रबंधन करना, सकारात्मक सोच विकसित करना, सामाजिक समर्थन प्राप्त करना, पर्याप्त नींद और आराम लेना, स्वस्थ आहार का पालन करना, और गहरी सांस लेने की तकनीकों का उपयोग करना। छात्र छात्राओं को गहरी सांस लेने की तकनीक (Deep Breathing Exercises) के माध्यम से  तनाव मुक्त अभ्यास करवाया गया। बताया गया कि लगातार स्मार्टफोन और सोशल मीडिया का उपयोग भी तनाव का कारण हो सकता है।

विभिन्न योग क्रियाएं प्राणायाम (श्वास नियंत्रण)-

अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम, कपालभाति प्राणायाम आदि को छात्र-छात्राओं के सम्मुख प्रदर्शित किया।

रहें उपस्थित

गोष्ठी में महाविद्यालय की प्राध्यापक डा रेनू जोशी, श्री सिद्धार्थ गौतम, रेनू असगोला, डीएस नेगी, दीपक कुमार तथा बीए प्रथम सेमेस्टर, तृतीय सेमेस्टर के तमाम छात्र छात्राएं उपस्थित रहें।

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