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17 अप्रैल: आज मनाया जाता है विश्व हीमोफीलिया दिवस, लगातार ब्लीडिंग हो सकते है इसके लक्षण, जानें इसके बारे में

आज 17 अप्रैल 2025 है। आज विश्व हीमोफीलिया दिवस है। दुनिया भर में हर साल 17 अप्रैल को विश्व हीमोफ़ीलिया दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य  हीमोफ़ीलिया और अन्य रक्तस्राव विकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।

जागरूकता बढ़ाना खास उद्देश्य

17 अप्रैल को वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ हीमोफीलिया के संस्थापक फ्रैंक श्नाबेल का जन्म हुआ था। यह दिन हीमोफीलिया और अन्य रक्तस्राव विकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।

हीमोफीलिया एक रक्त विकार

हीमोफ़ीलिया एक दुर्लभ वंशानुगत रक्त विकार है। इसमें रक्त के थक्के बनने की क्षमता कम हो जाती है। इससे चोट लगने पर सामान्य से ज़्यादा खून बहता है। जिन लोगों को हीमोफीलिया होता है, उनके शरीर से बह रहा खून जल्दी रूकता नहीं है। इस वजह से व्यक्ति के शरीर में खून की कमी हो जाती है। हीमोफीलिया से पीड़ित व्यक्ति में रक्त के थक्के जमने की प्रक्रिया सही से काम नहीं करती है। आमतौर पर यह बीमारी पुरुषों में ज़्यादा होती है। क्रोमोसोम इस बीमारी के वाहक होते हैं और इसके परिणामस्वरूप रक्त का थक्का नहीं जमता, जिसके कारण रक्तस्राव होता है।

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